UPHESC (इकाई-10) के पाठ्यक्रम में निर्धारित हिंदी साहित्य की इन कालजयी रचनाओं का विवरण
प्रमुख हिंदी रचनाएँ: लेखक, वर्ष एवं विधा
| रचना का नाम | लेखक | प्रकाशन वर्ष | विधा / संग्रह का स्वरूप |
| अपनी खबर | पाण्डेय बेचन शर्मा 'उग्र' | 1960 | आत्मकथा |
| आवारा मसीहा | विष्णु प्रभाकर | 1974 | जीवनी (शरतचंद्र चट्टोपाध्याय की) |
| सुधियाँ उस चंदन के वन की | विष्णुकान्त शास्त्री | 1992 | संस्मरण |
| चीड़ों पर चाँदनी | निर्मल वर्मा | 1964 | यात्रा-वृत्तांत |
| मेरा परिवार | महादेवी वर्मा | 1972 | रेखाचित्र (पशु-पक्षियों पर आधारित) |
| ऋणजल-धनजल | फणीश्वरनाथ रेणु | 1977 | रिपोर्ताज (सूखे और बाढ़ का वर्णन) |
| अकेला मेला | रमेश चंद्र शाह | 2009 | डायरी |
| प्रेमचंद के साथ दो दिन | बनारसीदास चतुर्वेदी | 1932 | साक्षात्कार (इंटरव्यू) |
| निराला के पत्र | जानकी वल्लभ शास्त्री | 1971 | पत्र-साहित्य |
| चिठ्ठी-पत्री | अमृत राय (संपादक) | 1962 | पत्र-साहित्य (प्रेमचंद के पत्रों का संग्रह) |
विशेष तथ्य:
अपनी खबर: यह हिंदी की सबसे बेबाक और निर्भीक आत्मकथाओं में से एक मानी जाती है।
आवारा मसीहा: विष्णु प्रभाकर जी को इस जीवनी को लिखने में लगभग 14 वर्ष का समय लगा था।
ऋणजल-धनजल: इसमें रेणु जी ने बिहार के अकाल (ऋणजल) और बाढ़ (धनजल) की विभीषिका का आंखों देखा हाल लिखा है।
चिठ्ठी-पत्री: इसे अमृत राय (प्रेमचंद के पुत्र) ने दो खंडों में संपादित किया था, जिसमें प्रेमचंद के निजी और साहित्यिक जीवन की झलक मिलती है।