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Toilet the best movie
इस देश में फिल्मों को लेकर हमेशा विवाद बना रहता है पद्मावती भी ऐसी ही विवादित फिल्म रही जिसमे राजपूत समुदाय इस फिल्म को न रिलीज होने होने पर जोर देता रहा ओर इसे रिलीज नहीं होने दिया बंगला भाषा में बनी फिल्म में भी राम-सीता का नाम रखने पर विवाद होने लग गया ऐसे में बनी फिल्म टॉयलेट एक ऐसी फिल्म हे जो समाज में अन्धविश्वास को उजागर करता है टॉयलेट की जगह खेतों का इस्तेमाल करने पर विरोध जताया है इस फिल्म में रूढ़िवादी लोगों के विचार फिल्म के अंत में जाकर बदलते हे इस फिल्म के नायक ने शुरू से फिल्म में विरोध सहा है मगर अंत में उसी की जीत होती हे इस फिल्म में सरकारी कामकाजों को भी दिखाया गया है किस प्रकार वह किसी भी कार्य को इतनी लापरवाही से करते हे की दस दिन का काम सौ दिन में होता हे एक तरफ इस फिल्म में रूढ़िवादी विचार के खिलाफ एक सकरात्मक सोच की विजय की है दूसरी तरफ यह भाजपा की प्रचारक भी लगती है इसमें नोटबंदी को एक महान कार्य के रूप में दिखाकर इससे सरकारी कामगारों को प्रेरणा लेने की ओर संकेत जाता है अंत में यह फिल्म अच्छी फिल्मों में से एक है
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