इस ब्लॉग पर हिंदी साहित्य से सम्बंधित जानकारी दी जाती है। पाठक को किसी विषय पर दिक्कत हो रही है तब उसकी आवश्यकता अनुसार उस से सम्बंधित विषय पर लेख भी दिया जायेगा। यह ब्लॉग मुख्यतः हिंदी के प्रचार -प्रसार के लिए बनाया गया है। हिंदी नेट /जे.आर.एफ में आने वाले संभावित प्रश्नों का टेस्ट लिया जाता है।हिंदी नेट के पाठ्यक्रम के अनुसार आपको सामग्री प्रदान की जाती है।।
मैं भी औरत हूँ -अनुसूया त्यागी 2011
किन्नर कथा -महेंद्र भीष्म 2014
मैं पायल हूँ -महेंद्र भीष्म 2014
पोस्ट बॉक्स न. 203 नाला सोपारा -चित्रा मृदुगल
जिंदगी 50 -50 -भगवंत अनमोल 2017
यमदीप -नीरजा
तीसरी ताली -प्रदीप सौरभ 2011
मुर्दहिया
- भूतही पारिवारिक पृष्टभूमि
- मुर्दहिया तथा स्कूली जीवन
- अकाल में अन्धविश्वास
- मुर्दहिया के गिद्ध तथा लोकजीवन
- भूतिनिया नागिन
- चले बुद्ध की राह
- आजमगढ़ की फाकाकशी
यमदीप
मैं भी औरत हूँ :अनसूया त्यागी
डेस्क और बैग
रमेश कल स्कूल में देर से जाने के कारण डांट सुनने के बाद आज सुबह जल्दी ही जग गया। उसने कहा आज में सबसे पहले क्लास में जाऊंगा ,क्लास क्या स्कूल में सबसे पहले। मम्मी जल्दी लंच दो मुझे जाना है। अभी तुम्हारे स्कूल का समय कहा हुआ बगल में ही तो है चले जाना समय से जब प्रार्थना शुरू होने वाला होगा। प्रार्थना का नाम सुनकर रमेश को गुस्सा आ जाता है ये क्या स्कूल में जाते ही ग्राऊंड में खड़े हो कर गाते रहो गाना। ये प्रार्थना बाद में नहीं कराइ जा सकती। जब गेम का पीरियड हो उस से पहले उसके बाद खेलने का मजा ही कुछ और है, और हम खेलते समय गाते ही तो है। अचानक उसे याद आया नहीं मुझे जाना है सबसे पहले ,मम्मी आप दीदी से खाना भिजवा देना में जा रहा हूँ। अरे सुनो तो कुछ खा तो लो। नहीं मम्मी ,नही.... रमेश को बस जाने की धुन सवार थी। कल उसके डेस्क पर मोहन कैसे बैठ गया था और मेरे बोलने पर सर से शिकायत भी कर दी। इतने पर ही सर ने मुझे इतना डाँटा तुम जल्दी नहीं आओगे तो बैठना जहाँ सीट मिले। आज देखता हूँ कैसे सीट नहीं मिलती। स्कूल के चौकीदार ने कहा क्या बात है रमेश बाबू आज तो बड़ी जल्दी आ गए स्कूल। रमेश का घर पास होने के कारण रमेश को चौकीदार अच्छी तरह जानता था वह अक्सर दिन में कई बार इसी रास्ते से गुजरता है। रमेश ने चौकीदार की बात पर ध्यान दिए बिना अपने जल्दी आने के गर्व से फुला नहीं समा रहा था। क्लास में कोई भी बच्चा नहीं है रमेश एक डेस्क पर बैठा। तभी अचानक डेस्क ने रमेश के बैग से बात करनी शुरू कर दी। आज बड़ी जल्दी आ गए तुम्हारी तो नीद भी पूरी नहीं हुई होगी। हा मेरी तो नहीं हुई मगर कोई नहीं यहाँ आ कर तुम्हारे सर पर तो बैठ गया। वैसे आज तुम्हारा वजन कैसे कम हो गया। टिपिन भैया को नहीं लाये क्या साथ। नहीं ये जनाब कल की डांट सुनकर आज उन्हें छोड़ कर ही आ गए। डेस्क ने कहना शुरू किया मेरे बिना तो क्लास होना ही मुश्किल है देखो कैसे ठाट से आ कर बैठ गए मेरे ऊपर। बैग को यह बात असहनीय लगी वह तुरंत बोल पड़ा। मेरे बिना तो ये कभी आ ही नहीं पाएंगे स्कूल में इतने सारे कॉपी किताबो का भार डाले मेरे साथ चल देते है ,डेस्क ने सुनते ही कहा वो भार डाल कर वहां से ला कर पटक देते है मेरे छाती पर छह घंटे से पहले नहीं उठते। रविवार को ही बस चैन की साँस लेता हूँ। बैग बोल पड़ा तब तो तुम्हे गर्मी की छुट्टियों में आराम मिलता होगा मुझे तो वह भी नहीं मिलता। डेस्क अचानक सोच में पड़ गया और बोला नहीं गर्मी की छुट्टी में मेरा भी मन नहीं लगता। अकेले धूल फाकते रहो यहाँ की तब तो यही इंतजार होता है की कब हँसते मुस्कुराते चेहरे इस क्लास में कदम रखेंगे और में तुम्हे फिर से अपने ऊपर बैठा हुआ पाउँगा। बैग ने भी कहा हां यार मुझे भी तुम्हारी याद आती है। हम सभी लोगो का अपना -अपना महत्व है और हम साथ में ही मिलकर खुश है। तभी दरवाजे की खड़कने की आवाज आई। मोहन क्लास में आ गया। रमेश ने उसे कहा आओ साथ में ही बैठते है। मोहन पास्ता लाया है रमेश और मोहन उसे खाने लगते है।
समाप्त
उत्तरमाला
- a ,आकाशदीप
- b ,अपना अपना भाग्य ,
- b ,तीसरी कसम
- d,परिंदे
- c -इंदुमती
- a ,उसने कहा था
- d ,परिंदे
- a ,दुनिया का सबसे अनमोल रत्न
- b ,आकाशदीप
- b ,अमृतसर आ गया
- c बादलों के घेरे
- c ,पूस की रात ,राही ,परिंदे ,इंस्पेक्टर मातादीन चाँद पर
- c ,-1 ,4
- a ,-1 ,3
- a -1 ,3
- c -प्रेमचंद ,जयशंकर प्रसाद ,सुभद्रा कुमारी चौहान ,भीष्म साहनी
- c -किशोरीलाल गोस्वामी ,राजेन्द्रबाला घोष ,जैनेन्द्र ,अज्ञेय
- d -चंद्रदेव से मेरी बातें
- d -उसने कहा था
- b -लालपान की बेगम
- c -उसने कहा था
- b -अमृतसर आ गया
- d -दुलाईवाली
- b -कानो में कँगना
- a -राजा निरबंसिया
- c-1982
- b -1948
- b -1975
- b -1931
- c -1965
- a -a और c
- a -चंपा
- c -राजा निरबंसिया
- c -मन्नू भंडारी
- b -उद्धत और चंचल
- b -दुल्हिन की डोली
- b -वापसी
- b -उसने कहा था ,आकाशदीप ,ईदगाह ,परिंदे
- c -लालची
- a -भारत विभाजन पर
हिंदी कहानी
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DEVKANT SINGH
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प्रश्न 1 -" भगवान ! मेरे पथ -भ्र्ष्ट नाविक को अंधकार में ठीक पथ पर ले चलना।"
- आकाशदीप
-
अपना अपना भाग्य
-
राही
-
लाल पान की बेगम
प्रश्न 2 "-बहुत कुछ निरुद्देश्य घूम चुकने पर हम सड़क के किनारे की एक बैंच पर बैठ गए। नैनीताल की संध्या धीरे -धीरे उतर रही थी। रुई के रेशे से भाप -से बदल हमारे सिरों को छू -छूकर बेरोक -टोक घूम रहे थे। हल्के प्रकाश और अंधियार से रंगकर कभी वे नील दीखते कभी सफ़ेद और फिर देर में अरुण पड़ जाते। वे जैसे हमारे साथ खेलना चाह रहे थे।"
- रोज
-
अपना अपना भाग्य
-
कोसी का घटवार
-
परिंदे
प्रश्न 3 -चार खेप सीमेंट और कपडे की गाठों जोगबनी में विराटनगर और फारबिसगंज का हर चोर व्यापारी उसको पक्का गाड़ीवान मानता था।
- कोसी का घटवार
-
तीसरी कसम
-
लालपान की बेगम
-
रोज
प्रश्न 4 -नामवर सिंह के अनुसार नयी कहानी की प्रथम कहानी कौन सी है ?
- उसने कहा था
- चीफ की दावत
- इंदुमती
- परिंदे
प्रश्न 5 -आचार्य रामचंद्र शुक्ल के अनुसार हिंदी की प्रथम कहानी कौन सी है ?
- उसने कहा था
- चीफ की दावत
- इंदुमती
- परिंदे
- उसने कहा था
- चीफ की दावत
- इंदुमती
- परिंदे
- उसने कहा था
- चीफ की दावत
- रोज
- परिंदे
- दुनिया का सबसे अनमोल रत्न
- चीफ की दावत
- इंदुमती
- परिंदे
- एक टोकरी भर मिटटी
- आकाशदीप
- चद्रदेव से मेरी बातें
- दुलाईवाली
- दुलाईवाली
- अमृतसर आ गया
- अपना अपना भाग्य
- इंस्पेक्टर मातादीन चाँद पर
- अपना अपना भाग्य
- इस्पेक्टर मातादीन चाँद पर
- बादलों के घेरे
- राही
- परिंदे , पूस की रात ,राही , मातादीन चाँद पर
- मातादीन चाँद पर ,पूस की रात ,राही ,परिंदे
- पूस की रात ,रही। परिंदे।,मातादीन चाँद पर
- रही , पूस की रत ,परिंदे ,मातादीन चाँद पर
- लहना सिंह
- माधव
- अमीना
- अनीता
- - 1 ,3
- -1 ,3 ,4
- -1 ,4
- -1 ,,2
- अलगू चौधरी
- जंगी
- दुखी चमार
- चम्पिया
- - 1 ,3
- -1 ,3 ,4
- -1 ,4
- -1 ,,2
- मणिभद्र
- गिरीश
- चंपा
- शामनाथ
- - 1 ,3
- -1 ,3 ,4
- -1 ,4
- -1 ,,2
- जयशंकर प्रसाद ,प्रेमचंद ,सुभद्रा कुमारी चौहान ,भीष्म साहनी
- जयशंकर प्रसाद ,सुभद्रा कुमारी चौहान ,प्रेमचंद ,भीष्म साहनी
- प्रेमचंद ,जयशंकर प्रसाद ,सुभद्रा कुमारी चौहान ,भीष्म साहनी
- जयशंकर प्रसाद ,भीष्म साहनी ,सुभद्रा कुमारी चौहान ,प्रेमचंद
- राजेंद्रबाला घोष , किशोरीलाल गोस्वामी ,जैनेन्द्र ,अज्ञेय
- राजेंद्र बाला घोष ,जैनेंद्र ,किशोरीलाल गोस्वामी ,अज्ञेय
- किशोरीलाल गोस्वामी ,राजेंद्र बाला घोष ,जैनेन्द्र ,अज्ञेय
- राजेंद्र बाला घोष ,अज्ञेय ,किशोरीलाल गोस्वामी ,जैनेन्द्र
- परिंदे
- रोज
- लालपान की बेगम
- चंद्रदेव से मेरी बातें
प्रश्न19 -अपने सूखी लकड़ी के तख्तों पर उसे सुलाते हो ,आप कीचड़ में पड़े रहते हो। कही तुम न मांदे पड़ जाना। जाड़ा क्या है,मौत है और निमोनिया से मरने वाले को मुरब्बा नहीं मिला करते -किस कहानी की पंक्ति है?
- 1 -कानो में कंगना
-
2 -तीसरी कसम
-
3 -अपना अपना भाग्य
-
4 -उसने कहा था
प्रश्न20 -"पहले से किसी बात का मनसूबा नहीं बांधना चाहिए किसी को। भगवान ने मनसूबा तोड़ दिया। उसे सबसे पहले भगवान से पूछना है भोले बाबा" --
- 1 - तीसरी कसम
- 2 -लाल पान की बेगम
- 3 -उसने कहा था
- 4 -कोशी का घटवार
प्रश्न21 -मृत्यु के कुछ पहले स्मृति बहुत साफ हो जाती है। जन्म -भर की घटनाएँ एक -एक करके सामने आती है। सारे दृश्यों के रंग साफ होते है ,समय की धुंध बिल्कुल उनपर से हट जाती है। -पंक्ति है -
- 1 - तीसरी कसम
- 2 -लाल पान की बेगम
- 3 -उसने कहा था
- 4 -कोशी का घटवार
प्रश्न 22 -बोझिल अनिश्चित -से वातावरण में सफर कटने लगा। रात गहराने लगी थी। -पंक्ति है
- 1 - तीसरी कसम
- 2 -अमृतसर आ गया
- 3 -उसने कहा था
- 4 -कोशी का घटवार
प्रश्न 23 -उनकी हँसी से और किससे !हँसी ठट्टा भी रह में अच्छी लगती है। उनकी हँसी मुझे नहीं भाती। ये पंक्ति किस कहानी की है ?
- लालपान की बेगम
- तीसरी कसम
- कोसी का घटवार
- दुलाईवाली
प्रश्न 24 -चढ़ा नशा उतर गया बातें सूझ गई -आँखों की पट्टी खुल पड़ी ,लेकिन हाय खुली भी तो उसी समय जब जीवन में केवल अंधकार ही रह गया। किस कहानी की पंक्ति है ?- परिंदे
- कानो में कँगना
- उसने कहा था
- कोसी का घटवार
प्रश्न २५ -इतनी छोटी जान पहचान में तुम मर्दो के घर में न रहते घुस कर बैठ सकते हो ?तुम तो उलटे पेरो लौट आओगे। किस कहानी की पंक्ति है ?- राजा निरबंसिया
- कानो में कँगना
- उसने कहा था
- कोसी का घटवार
प्रश्न 26 -'इंस्पेक्टर मातादीन चाँद' पर कहानी का प्रकाशन वर्ष क्या है ?- 1962
- 1972
- 1982
- 1992
प्रश्न 27 -'सिक्का बदल गया' कहानी का प्रकाशन वर्ष क्या है ?- 1947
- 1948
- 1934
- 1958
प्रश्न 28 -'अमृतसर आ गया' कहानी का प्रकाशन वर्ष क्या है ?- 1972
- 1975
- 1957
- 1957
प्रश्न 29 -'अपना- अपना भाग्य' कहानी का प्रकाशन वर्ष क्या है ?- 1929
- 1931
- 1933
- 1948
प्रश्न 30 -'पिता' कहानी का प्रकाशन वर्ष क्या है ?- 1957
- 1958
- 1965
- 1972
प्रश्न 31 -निम्नलिखित में से कौन -कौन सी रचनाये भारतीय प्रशासन व्यवस्था पर सटीक व्यंग करती है ?- भोलाराम का जीव
- सिक्का बदल गया
- जामुन का पेड़
- पिता
नीचे दिए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए
1 -a और c
२-a ,b और c
3 -b ,c और d
4 -a ,c और d
प्रश्न 32 -क्या स्त्री होना पाप है ?
उपर्युक्त संवाद किस पात्र द्वारा कहा गया है - चंपा
- मालती
- लतिका
- हीराबाई
प्रश्न 33 -बचन सिंह सिहर -सा गया और उसके हाथों की अभ्यस्त निठुराई को जैसे किसी मानवीय कोमलता ने छू लिया
उपर्युक्त कथन किस कहानी का है ?- अमृतसर आ गया
- सिक्का बदल गया
- राजा निरबंसिया
- उसने कहा था
प्रश्न 34 -'यही सच है' की कहानीकार कौन है ?- कृष्णा सोबती
- उषा प्रियंवदा
- मन्नू भंडारी
- मृदुला गर्ग
प्रश्न 35 -गेंग्रीन कहानी की मालती बचपन में कैसी लड़की थी ?- सरल और शांत लड़की थी
- उद्धत और चंचल लड़की थी
- पुस्तक पढ़ने की शौकीन लड़की थी
- चोरी से क्लास से भागने वाली लड़की थी
प्रश्न 36 -तीसरी कसम का गाड़ीवान ने कौन -सा सामान न लादने की कसम नहीं खाई थी - कंपनी की औरत
- दुल्हिन की डोली
- चोरी बाजार का सामान
- बाँस
प्रश्न 37 -निम्नलिखित में से किस कहानी में नौकरी के सिलसिले में बाहर रहने के कारण गजाधर बाबू की लम्बी अनुपस्थिति उन्हें परिवार के ढांचे से बाहर कर देती है ?- चीफ की दावत
- वापसी
- दोपहर का भोजन
- बूढी काकी
प्रश्न 38 -प्रकाशन काल के अनुसार निम्नलिखित कहानियों का सही अनुक्रम है ?- परिंदे ,ईदगाह ,आकाशदीप ,उसने कहा था
- उसने कहा था ,आकाशदीप ,ईदगाह ,परिंदे
- आकाशदीप ,परिंदे ,उसने कहा था ,ईदगाह
- ईदगाह ,आकाशदीप ,परिंदे ,उसने कहा था
प्रश्न 39 -"चीफ की दावत कहानी" शामनाथ का चरित्र किस प्रवृत्ति की ओर अग्रसर है ?- दयालु
- मिलनसार
- लालची
- शांत
प्रश्न 40 - अमृतसर आ गया कहानी किस परिदृश्य पर लिखी गई है ?- भारत विभाजन पर
- आपातकाल पर
- उत्तरप्रदेश के विभाजन पर
- शहरीकरण पर
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- a ,आकाशदीप
- b ,अपना अपना भाग्य ,
- b ,तीसरी कसम
- d,परिंदे
- c -इंदुमती
- a ,उसने कहा था
- d ,परिंदे
- a ,दुनिया का सबसे अनमोल रत्न
- b ,आकाशदीप
- b ,अमृतसर आ गया
- c बादलों के घेरे
- c ,पूस की रात ,राही ,परिंदे ,इंस्पेक्टर मातादीन चाँद पर
- c ,-1 ,4
- a ,-1 ,3
- a -1 ,3
- c -प्रेमचंद ,जयशंकर प्रसाद ,सुभद्रा कुमारी चौहान ,भीष्म साहनी
- c -किशोरीलाल गोस्वामी ,राजेन्द्रबाला घोष ,जैनेन्द्र ,अज्ञेय
- d -चंद्रदेव से मेरी बातें
- d -उसने कहा था
- b -लालपान की बेगम
- c -उसने कहा था
- b -अमृतसर आ गया
- d -दुलाईवाली
- b -कानो में कँगना
- a -राजा निरबंसिया
- c-1982
- b -1948
- b -1975
- b -1931
- c -1965
- a -a और c
- a -चंपा
- c -राजा निरबंसिया
- c -मन्नू भंडारी
- b -उद्धत और चंचल
- b -दुल्हिन की डोली
- b -वापसी
- b -उसने कहा था ,आकाशदीप ,ईदगाह ,परिंदे
- c -लालची
- a -भारत विभाजन पर
उत्तरमाला
- a ,आकाशदीप
- b ,अपना अपना भाग्य ,
- b ,तीसरी कसम
- d,परिंदे
- c -इंदुमती
- a ,उसने कहा था
- d ,परिंदे
- a ,दुनिया का सबसे अनमोल रत्न
- b ,आकाशदीप
- b ,अमृतसर आ गया
- c बादलों के घेरे
- c ,पूस की रात ,राही ,परिंदे ,इंस्पेक्टर मातादीन चाँद पर
- c ,-1 ,4
- a ,-1 ,3
- a -1 ,3
- c -प्रेमचंद ,जयशंकर प्रसाद ,सुभद्रा कुमारी चौहान ,भीष्म साहनी
- c -किशोरीलाल गोस्वामी ,राजेन्द्रबाला घोष ,जैनेन्द्र ,अज्ञेय
- d -चंद्रदेव से मेरी बातें
- d -उसने कहा था
- b -लालपान की बेगम
- c -उसने कहा था
- b -अमृतसर आ गया
- d -दुलाईवाली
- b -कानो में कँगना
- a -राजा निरबंसिया
- c-1982
- b -1948
- b -1975
- b -1931
- c -1965
- a -a और c
- a -चंपा
- c -राजा निरबंसिया
- c -मन्नू भंडारी
- b -उद्धत और चंचल
- b -दुल्हिन की डोली
- b -वापसी
- b -उसने कहा था ,आकाशदीप ,ईदगाह ,परिंदे
- c -लालची
- a -भारत विभाजन पर
अनुसन्धान अभिक्षमता
प्रश्न 1 -अनुसन्धान की दृष्टि से निम्नलिखित में क्या तर्कसंगत नहीं है ?
- शोध विवेचन में पुनरुक्ति अवश्य होनी चाहिए।
- शोध पद्यति स्पष्ट और सुनिश्चित होनी चाहिए।
- शोध प्रबंध में पाद टिप्पणी विधिवत होनी चाहिए।
- शोध कार्य सुनियोजित ,सुव्यवस्थित ,और क्रमबद्ध होनी चाहिए।
- शोधकर्ता मनमाने ढंग से तथ्यों को नियंत्रित करे।
- शोधक तथ्यों का शासन करे।
- शोधक तथ्यों की भावपरक व्याख्या करे।
- तथ्य ही शोधक का अनुशासन करे।
- व्यक्तिगत
- वस्तुगत
- व्यक्ति -निरपेक्ष
- तथ्य परक
- नए तथ्यों की खोज
- व्याख्या-विश्लेषण
- प्रभाव -ग्रहण और उसकी अभिव्यक्ति
- मूल्याङ्कन अथवा निर्णय
- सर्वेक्षण पद्यति और शास्त्रीय पद्यति
- तुलनात्मक और समस्यामूलक पद्यति
- क्षेत्रीय और वर्गीय अध्ययन पद्यति
- व्यव्हार और विचार पद्यति
- विषय की मौलिकता
- मूल और सहायक सामग्री के पर्याप्त भाषा में मिलने की आश्वस्ति
- शोधार्थी की रूचि ,प्रकृति ,पूर्वज्ञान तथा शोध -प्रक्रिया सम्बंधित पूर्व प्रशिक्षण
- उपरोक्त सभी
- शोध विषय समग्र समीक्षात्मक परिक्षण है।
- शोध का लक्ष्य नए तथ्यों की खोज तथा नए तथ्यों की तर्कसंगत विवेचना है।
- स्थापित मान्यताओं ,सिद्धांतो और नियमों की बारीकी से जाँच करके उनमे आवश्यकता अनुसार परिवर्तन संशोधन करना भी शोध का लक्ष्य है।
- उपरोक्त सभी
- अतिशय प्रश्नाकुलता
- असीमितता
- आत्मपरकता
- योजनाबद्धता
- ऐतिहासिक
- विवरणात्मक
- नैदानिक
- विश्लेषणात्मक
- नए त्तथ्यो की खोज
- पुरानी स्थापनाओं का परिमार्जन
- प्रचलित स्थापनाओं पर पुनर्विचार
- आध्यात्मिक उन्नति
- शोध में लेखक द्वारा की जाने वाली कल्पना
- शोध में शोधार्थी द्वारा दिया जानेवाला उद्धरण
- शोध में उपयोग किया जानेवाला एक महत्वपूर्ण छंद
- शोध में सिद्धांत या निष्कर्ष तक पहुँचने का साधन
- अध्यायों की रूपरेखा
- विषय की प्राकल्पना
- चयनित विषय पर पहले से किये गए अध्ययन का संज्ञान
- शोध की प्रकाशन की संभावनाएं
- a और b दोनों गलत
- a सही b गलत
- a और b दोनों सही
- a गलत b सही
- अध्ययन के उद्देश्य एवं कार्यक्षेत्र को परिभाषित करना।
- समग्र एवं प्रतिदर्श पद्यति को परिभाषित करना।
- प्रदत्तों का विश्लेषण ,उनकी व्याख्या तथा परिणाम की जानकारी
- शोध के साधनों का चरण ,चाहे वे गुणात्मक अथवा मात्रात्मक हो।
- परिकल्पना का निर्माण ,परिकल्पना परिक्षण और प्रतिवेदन लेखन
- शोध समस्या का निर्धारण ,परिकल्पना का निर्माण ,परिकल्पना परिक्षण ,सामान्यीकरण एवं निष्कर्ष तथा परिणामों के निहितार्थ
- समस्या की पहचान ,प्रतिदर्श का चयन ,शोध अभिकल्प को विकसित करना और फील्डवर्क
- समस्या को परिभाषित करना ,सम्बंधित अध्ययनों का सर्वेक्षण ,प्रतिदर्श ,प्रतिचयन ,प्रदत्तों का संग्रहण और प्रदत्तों का विश्लेषण
- कार्येत्तर शोध
- वर्णात्मक शोध
- व्यष्टि अध्ययन
- प्रयोगनात्मक
- मौलिक शोध 1 - विशिष्टताओ पर केंद्रित गहन अध्ययन
- व्यवहृत शोध 2 -हस्तक्षेप आधारित सुधारनात्मक पहल
- क्रियात्मक शोध 3 - नयी परिस्थितियों में सत्य सिद्धांत के अनुप्रयोग की संभावनाओं को तलाशना
- व्यक्ति अध्ययन शोध 4 -प्रभाव जानने हेतू प्रभाव अध्ययन
- 5 -सिद्धांत निर्माण के माध्यम से ज्ञानकोष में अभिवृति
- शोध की लागत काम करने के लिए
- आकादमिक अलंकरण हेतु
- शोध के प्रदत्तों की उपलब्धता की गुंजाईश में विस्तार हेतु
- संवादात्मक अंतःक्रिया के संवर्धन हेतु
- तुलना
- अनुमिति
- प्रत्यक्षण
- निहितार्थ
- वस्तुनिष्टता
- कार्य कारण सम्बन्ध
- वैज्ञानिक दृष्टिकोण
- अनुभव
- निरिक्षण
- तुलनात्मक
- ऐतिहासिक
- भावना
- धार्मिक स्तर
- तात्विक स्तर
- वैज्ञानिक स्तर
- सामूहिक स्तर
- किसी शोध प्रबंध का पूर्णतः अनुकरण करना
- सत्यनिष्ठा
- ईमानदारी
- सामाजिक जिम्मेदारी
- आगमन
- निगमन
- सादृश्यपरक
- निहितार्थ
- भूतकाल
- वर्तमान
- भविष्य
- समयानुसार
हिंदी उपन्यास
हिंदी उपन्यास
प्रश्न 1 -निम्नलिखित को क्रम से लगाओ ?- महाकाल ,अमृत और विष ,मानस का हंस ,खंजन नयन
- अमृत और विष ,मानस का हंस,खंजन नयन ,महाकाल
- अमृत और विष ,महाकाल ,खंजन नयन ,मानस का हंस
- अमृत और विष ,खंजन नयन ,महाकाल ,मानस का हंस
प्रश्न 2 -150 वर्ष पूर्व संक्रमणकालीन भारत की संस्कृति को जानने के लिए इससे बेहतर उपन्यास नहीं हो सकता किस उपन्यास के बारे में यह कथन है ?- परीक्षा गुरु
- गोदान
- देवरानी जेठानी की कहानी
- मैला आँचल
प्रश्न 3 -"नहीं चाहिए हमे ऐसी अलमारी। घर का सारा आलतू -फालतू सामान मेरे लिए। अपने लिए कैसा बढ़िया कमरा ,कैसी बढ़िया अलमारी।"किस उपन्यास का कथन है ? - झूठा सच
- मानस का हंस
- आपका बंटी
- बाणभट्ट की आत्मकथा
प्रश्न 4 --निम्नलिखित को क्रम से लगाओ ?- गोदान , शेखर एक जीवनी , झूठा सच ,मानस का हंस
- गोदान ,झूठा सच ,शेखाए एक जीवनी ,मानस का हंस
- गोदान ,मानस हंस ,झूठा सच ,शेखर रक जीवनी
- शेखर एक जीवनी ,मानस का हंस,गोदान ,झूठा सच
प्रश्न 5 'तमस' उपन्यास में कितने दिन की कथा है ?- 25
- 15
- 35
- 5
प्रश्न6 -इनमें कौन से उपन्यास जीवनी परक उपन्यास है ?- मानस का हंस
- शेखर एक जीवनी
- पहला गिरमिटिया
- मैला आँचल
- - 1 ,3
- -1 ,3 ,4
- -1 ,4
- -1 ,,2
प्रश्न 7 -यशपाल के उपन्यास 'झूठा सच' में दौलतराम आजाद किस राजनितिक सदस्य था ?- कांग्रेस
- कम्युनिस्ट पार्टी
- मुस्लिम लीग
- जनसंघ
प्रश्न 8 -निम्नलिखित में से क्या 'तमस' उपन्यास में सांप्रदायिक भावना निर्माण में सहायक नहीं है ?- साम्प्रदायिक पूर्वाग्रह
- विभिन्न सम्प्रदायों का एक स्थान पर वास
- वर्गीय पूर्वाग्रह
- अतीत की गौरव -गाथाएँ
प्रश्न 9 -निम्नलिखित में किस उपन्यास में राम और काम का द्वन्द चित्रित हुआ है ?- अमृत और विष
- खंजन नयन
- मानस का हंस
- नाच्यो बहुत गोपाल
प्रश्न 10 -मन्नू भण्डारी अपनी आत्मकथा में 'आपका बंटी' उपन्यास विभिन्न समीक्षाओ में से किस पक्ष को मानती है ?- खंडित बचपन को
- बच्चे के पालन पोषण का आर्थिक पक्ष
- बाल -मनोवैज्ञानिक पक्ष
- मुख्य स्त्री पात्र -स्त्रीत्व
प्रश्न 11 -अगर प्रेम खूंखार शेर है तो मैं उससे दूर ही रहूंगी। मैंने तो उसे गाय ही समझ रखा था। मैं प्रेम को संदेह से ऊपर समझती हूँ। वह देह की वस्तु नहीं ,आत्मा की वस्तु है। संदेह का वहाँ जरा भी स्थान नहीं और हिंसा तो संदेह का परिणाम है। वह सम्पूर्ण आत्मसमर्पण है। ये पंक्तियाँ गोदान उपन्यास में किस पात्र द्वारा कही गई है ?- गोविंदी
- सोना
- सिलिया
- मालती
प्रश्न 12 -'सेवासदन' उपन्यास उर्दू में किस नाम से प्रकाशित था ?- चौगाने हस्ती
- किशना
- असरारे मआविद
- बाजरे हुस्न
प्रश्न 13 -निम्नलिखित को क्रम से लगाओ ?- कर्मभूमि ,गबन ,निर्मला ,रंगभूमि
- निर्मला ,गबन ,रंगभूमि ,कर्मभूमि
- रंगभूमि ,निर्मला ,गबन ,कर्मभूमि
- कर्मभूमि ,रंगभूमि , गबन ,निर्मला
प्रश्न 14 -'बाणभट्ट की आत्मकथा ' उपन्यास किस समय की पृष्ठभूमि पर आधारित है ?- औपनिवेशिक काल
- छठी -सातवीं शताब्दी
- पहली -दूसरी शताब्दी
- बारहवीं -तेरहवी शताब्दी
प्रश्न 15 -निम्नलिखित को क्रम से लगाओ ?- झरोखे ,तमस ,वसंती ,कुंतो
- तमस ,कुंतो ,वसंती ,झरोखे
- तमस ,वसंती ,कुंतो ,झरोखे
- तमस ,झरोखे ,वसंती ,कुंतो
प्रश्न 16 -निम्नलिखित को क्रम से लगाओ ?- यादों का पहाड़ ,आधा पुल ,कभी न छोड़े खेत ,घास गोदाम
- आधा पुल ,घास गोदाम ,यादों का पहाड़ ,कभी न छोड़े खेत
- घास गोदाम ,आधा पुल ,कभी न छोड़े खेत ,यादों का पहाड़
- कभी न छोड़े खेत ,घास गोदाम ,यादों का पहाड़ ,आधा पुल
प्रश्न 17 -'यादों का पहाड़' किसका उपन्यास है ?- कृष्णा सोबती
- मन्नू भण्डारी
- जगदीशचंद्र
- काशीनाथ सिंह
प्रश्न 18 -"भेद इतना ही है की उनमे सामाजिक ऊँचनीय का ऐसा भेद नहीं है। जहाँ भारत वर्ष के समाज में एक सहस्त्र स्तर है वहाँ समाज में कठिनाई से दो तीन होंगे।" किस उपन्यास का कथन है ?- धरती धन न अपना
- बाणभट्ट की आत्मकथा
- गोदान
- झूठा सच
प्रश्न 19 -'धरती धन न अपना' उपन्यास का दूसरा भाग किस नाम से प्रकाशित हुआ ?- बीच की दीवार
- नरकुण्ड में वास
- लाट की वापसी
- जमीन तो अपनी थी
प्रश्न 20 -इनमें से कौन आंचलिक उपन्यास नहीं है ?- धरती धन न अपना
- मैला आँचल
- गोदान
- मानस का हंस
- - 1 ,3
- -1 ,3 ,4
- -3 ,4
- -1 ,,2
प्रश्न 21 -कौन से उपन्यास पर आंचलिकता को लेकर विवाद है ?- गोदान
- मैला आँचल
- राग दरबारी
- धरती धन न अपना
प्रश्न 22 -इनमें से किस उपन्यास को हिंदी साहित्य का प्रथम आंचलिक उपन्यास माना जाता है ?- धरती धन न अपना
- देहाती दुनिया
- जिंदगीनामा
- परती परिकथा
प्रश्न 23 -गोपाल राय ने हिंदी का प्रथम उपन्यास किसे माना है ?- परीक्षा गुरु
- देवरानी जेठानी की कहानी
- रानी केतकी की कहानी
- ठेठ हिंदी का ठाठ
प्रश्न 24 -देवरानी जेठानी की कहानी उपन्यास प्रकाशन वर्ष ?- 1870
- 1877
- 1882
- 1890
प्रश्न 25 -परीक्षा गुरु उपन्यास प्रकाशन वर्ष ?- 1870
- 1877
- 1882
- 1890
प्रश्न 26 -फणीश्वर नाथ रेणु का पहला उपन्यास कौन सा है ?- परती परिकथा
- मैला आँचल
- उपसंहार
- पहला गिरमिटिया
प्रश्न 27 -'तमस' उपन्यास को कब साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला ?- 1973
- 1974
- 1975
- 1976
प्रश्न 28 -'जिंदगीनामा' उपन्यास को कब साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला ?- 1979
- 1980
- 1981
- 1982
प्रश्न 29 -'पहला गिरमिटिया' उपन्यास किसका है ?- प्रेमचंद
- जगदीशचंद्र
- गिरिराज किशोर
- रमेशचंद शाह
प्रश्न 30 -आत्मपरक शैली में लिखा गया उपन्यास कौन से है ?- शेखर एक जीवनी
- गोदान
- त्याग पत्र
- काशी का अस्सी
- - 1 ,3
- -1 ,3 ,4
- -3 ,4
- -1 ,,2
प्रश्न 31 -गोदान का गोबर किस वर्ग का प्रतिनिधित्व करता है ?- सामंतशाही को चुपचाप सहन करने वाले वर्ग का
- रूढ़ि विरोधी नयी पीढ़ी के किसान -युवक का
- रूढ़िवादी परम्परा को मानने वाले वर्ग का
- समाज सेवा करने वाले वर्ग का
प्रश्न 32 -गोदान का कौन सा पात्र प्रेमचंद के प्रगतिशील विचारो का वाहक माना जाता है ?- होरी
- मिस्टर खन्ना
- प्रोफेसर मेहता
- ओंकारनाथ
प्रश्न 33 -हजारीप्रसाद द्विवेदी द्वारा रचित निम्नांकित कृतियों में से कौन सी कृति उपन्यास विधा से सम्बन्ध नहीं है ?- चारुचंद्र लेख
- बाणभट्ट की आत्मकथा
- अनामदास का पोथा
- कुटज
प्रश्न 34 -स्त्री की सफलता पुरुष को बांधने में है ,किन्तु सार्थकता पुरुष की मुक्ति में है। बाणभट्ट आत्मकथा में यह कथन किसका है ?- भट्टिनी
- निपुणिका
- महामाया
- सुचरिता
प्रश्न 35 -बाणभट्ट की आत्मकथा है एक .... - प्रेम कथा
- संघर्ष कथा
- मनोविज्ञान कथा
- जीवन मूल्यों पर आधारित उदात्त प्रेम कथा
प्रश्न 36 -गोदान उपन्यास को गद्य प्रस्तुत महाकाव्य कहा जाता है ,क्योंकि उसमे .... - भारतीय जनजीवन का यथार्थ चित्रण है
- सामान्य आदमी अच्छाइयों का विवेचन है
- सामाजिक संस्कार का सूक्ष्म अभिनिवेश है
- इनमे से सभी
प्रश्न 37 -यशपाल के झूठा सच उपन्यास की लोकप्रियता का क्या कारण है ?- उसमे झूठ को सच के रूप में दिखाया गया है।
- उसमे भारत विभाजन की वेदना की यथार्थ प्रस्तुति है।
- उसमे मनुष्यता को हारते हुए दिखाया गया है।
- उसमें रचनाकार कुछ भी अपनी और से नहीं कहता।
प्रश्न 38 -निम्नलिखित में से किस उपन्यास में उत्तर प्रदेश पूर्वांचल के एक कस्बानुमा गाँव शिवपाल गंज की कहानी वर्णित है ?- रागदरबारी
- आधा गाँव
- मैला आँचल
- गली आगे मुड़ती है
प्रश्न 39 -शकुन और डॉ जोशी के अंतर सम्बन्धों पर आधारित कथानक किस उपन्यास में प्रस्तुत किया गया है ?- आपका बंटी
- महाभोज
- टुटा हुआ इंद्रधनुष
- तिरछी बौछार
प्रश्न 40 -लाला ब्रजकिशोर और मुंशी चुन्नीलाल निम्नलिखित में से किस उपन्यास के पात्र है ?- भाग्यवती
- देवरानी जेठानी की कहानी
- नूतन ब्रह्मचारी
- परीक्षा गुरु
प्रश्न 41 -तमस उपन्यास के पात्र है - कनक
- रिचर्ड
- लिजा
- सेल्मा
1 -1 और 2 2 -2 और 4 3 -2 और 3 4 -1 और 4
प्रश्न 42 -करम बीबी और सरफराज निम्न में से किस उपन्यास के पात्र है ?- जिंदगीनामा
- सूरजमुखी अँधेरे में
- डार से बिछड़ी
- यारो के यार
प्रश्न 43 -मन्नू भंडारी द्वारा रचित उपन्यास नहीं है। - महाभोज
- आपका बंटी
- शैलूष
- बसंती
1 -1 और 3 2 -2 और 3 3 -4 और 3 4 -1 और 2
प्रश्न 44 -सांप्रदायिक विद्वेष और विभाजन की त्रासदी पर आधारित उपन्यास है। - आवारा मसीहा
- महाभोज
- तमस
- झूठा सच
1 -1 और 2 2 -2 और 4 3 -2 और 3 4 -3 और 4
प्रश्न 45 -प्रकाशन वर्ष के अनुसार निम्नलिखित उपन्यासों का सही अनुक्रम है। A -वामा शिक्षक B -निस्सहाय हिन्दू C-भाग्यवती D -देवरानी जेठानी की कहानी
- D,A,C,B
- A,B,C,D
- B,C,D,A
- C,D,A,B
प्रश्न46 - झूठा सच उपन्यास के पात्र है -- तारा , जयदेव
- रणवीर ,देवव्रत
- सोमराज ,रावत
- रुप्पन बाबू ,सनीचर
1 -1 और 3 2 -2 और 4 3 -2 और 3 4 -1 और 2 ,3
प्रश्न 47 -लक्ष्मी दासिन निम्नलिखित में से किस उपन्यास की पात्र है ?- मैला आँचल
- परती परिकथा
- जूलूस
- कितने चौराहे
प्रश्न 48 -माता पिता के सम्बन्ध विछेद से विच्छेद से प्रभावित बालक के त्रस्त जीवन को कथा पर आधारित उपन्यास है ?- एक इंच मुस्कान
- अनुगूँज
- आपका बंटी
- बेघर
प्रश्न 49 -रागदरबारी उपन्यास के पात्र है -- मदन मोहन और बाबू बैजनाथ
- मास्टर मोतीराम और रामाधीन
- मास्टर शिंभूदयाल और पुरुषोत्तमदास
- काशीशाह और गंडा सिंह
प्रश्न 50 -गोदान उपन्यास होरी अवध प्रान्त के किस गाँव का रहने वाला किसान था ?- बेलारी
- गंगौली
- सेमरी
- पांडेयपुर
- सामंतशाही को चुपचाप सहन करने वाले वर्ग का
- रूढ़ि विरोधी नयी पीढ़ी के किसान -युवक का
- रूढ़िवादी परम्परा को मानने वाले वर्ग का
- समाज सेवा करने वाले वर्ग का
- होरी
- मिस्टर खन्ना
- प्रोफेसर मेहता
- ओंकारनाथ
- चारुचंद्र लेख
- बाणभट्ट की आत्मकथा
- अनामदास का पोथा
- कुटज
- भट्टिनी
- निपुणिका
- महामाया
- सुचरिता
- प्रेम कथा
- संघर्ष कथा
- मनोविज्ञान कथा
- जीवन मूल्यों पर आधारित उदात्त प्रेम कथा
- भारतीय जनजीवन का यथार्थ चित्रण है
- सामान्य आदमी अच्छाइयों का विवेचन है
- सामाजिक संस्कार का सूक्ष्म अभिनिवेश है
- इनमे से सभी
- उसमे झूठ को सच के रूप में दिखाया गया है।
- उसमे भारत विभाजन की वेदना की यथार्थ प्रस्तुति है।
- उसमे मनुष्यता को हारते हुए दिखाया गया है।
- उसमें रचनाकार कुछ भी अपनी और से नहीं कहता।
- रागदरबारी
- आधा गाँव
- मैला आँचल
- गली आगे मुड़ती है
- आपका बंटी
- महाभोज
- टुटा हुआ इंद्रधनुष
- तिरछी बौछार
- भाग्यवती
- देवरानी जेठानी की कहानी
- नूतन ब्रह्मचारी
- परीक्षा गुरु
- कनक
- रिचर्ड
- लिजा
- सेल्मा
- जिंदगीनामा
- सूरजमुखी अँधेरे में
- डार से बिछड़ी
- यारो के यार
- महाभोज
- आपका बंटी
- शैलूष
- बसंती
- आवारा मसीहा
- महाभोज
- तमस
- झूठा सच
- D,A,C,B
- A,B,C,D
- B,C,D,A
- C,D,A,B
- तारा , जयदेव
- रणवीर ,देवव्रत
- सोमराज ,रावत
- रुप्पन बाबू ,सनीचर
- मैला आँचल
- परती परिकथा
- जूलूस
- कितने चौराहे
- एक इंच मुस्कान
- अनुगूँज
- आपका बंटी
- बेघर
- मदन मोहन और बाबू बैजनाथ
- मास्टर मोतीराम और रामाधीन
- मास्टर शिंभूदयाल और पुरुषोत्तमदास
- काशीशाह और गंडा सिंह
- बेलारी
- गंगौली
- सेमरी
- पांडेयपुर
उत्तरमाला
उत्तरमाला
- a
- c
- c
- a
- d
- a
- b
- b
- c
- d
- d
- d
- c
- b
- a
- a
- c
- b
- b
- c
- c
- b
- b
- a
- c
- b
- c
- b
- c
- a
- -1
- -3
- -4
- -3
- -4
- -4
- -2
- -1
- -1
- -4
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- -3
- -2
- -1
अनुसन्धान अभिक्षमता research apptitude
अनुसन्धान अभिक्षमता
अनुसन्धान के प्रकार
- बौद्धिक
- व्यावहारिक
बौद्धिक अनुसन्धान को मूलभूल अनुसन्धान भी कहा जाता है।
मुलभुत अनुसन्धान -ऐसे अनुसन्धान जिनके निष्कर्षो द्वारा किसी विशेष वैज्ञानिक नियमो का प्रतिपादन हो ,इस वर्ग में आते है मुलभुत अनुसन्धान का मुख्या उद्देश्य नई प्ररचनाओ का निर्माण करना है।
व्यवहृत अनुसन्धान -जिनके द्वारा किसी समस्या -विशेष का समाधान आवश्यक हो।
अनुसन्धान के सोपान
- समस्या का चयन
- परिकल्पना का प्रतिपादन
- शोध की रूपरेखा
- प्रदत्तों का संकलन
- प्रदत्तों का विश्लेषण
- सामान्यीकरण तथा निष्कर्षो का प्रतिपादन
अनुसन्धान की विधियाँ
- ऐतिहासिक
- वर्णात्मक
- प्रयोगनात्मक
- मात्रात्मक
- गुणात्मक
ऐतिहासिक अनुसन्धान के पद
ऐतिहासिक अनुसन्धान में नियंत्रण सम्बन्धी कठिनाई
- ऐसे क्षेत्र में प्रवेश करना ,जिसका पता न लगा हो।
- पुराने अनुसन्धान का संशोधन
वर्णात्मक तथा विवरणात्मक शोध
गुणात्मक शोध
- गुणात्मक शोध गहन साक्षात्कार ,दस्तावेजों की समीक्षा करता है
- मुख्यतः आगमन विधि का प्रयोग होता है
- विषयनिष्ठ होता है।
- गुणात्मक या वर्णन आधारित होता है।
- मानवीय व्यवहारों का अध्ययन करता है।
मात्रात्मक शोध
- मात्रात्मक या परिणात्मक सांख्यिकी सूचनाओं ,सर्वेक्षण ,संरचना साक्षात्कार ,प्रेक्षण रिकॉर्ड्स और रिपोर्ट
- मुख्यतः निगमन प्रयोग
- वस्तुनिष्ट
- संख्या आधारित
शोध नैतिकता
- सत्यनिष्ठा
- ईमानदारी
- वैधता
- गैर भेदभाव
- सामाजिक जिम्मेदारी
प्रत्यक्षवाद
- धार्मिक स्तर
- तात्विक स्तर
- वैज्ञानिक स्तर
- जीवित सत्तावाद
- बहुदेववाद
- अद्वैतवाद
- निरिक्षण
- प्रयोगात्मक
- तुलनात्मक
- ऐतिहासिक
- वर्गीकरण
- वस्तुनिष्ठता
- तार्किक विश्लेषण
- कार्य -कारन सम्बन्ध
- वैज्ञानिक दृष्टिकोण
- यथार्थवादी प्रकृति
- सकारात्मकता
उत्तर प्रत्यक्षवाद
पत्नी कहानी का सारांश, जैनेंद्र कुमार की पत्नी कहानी, Patni kahani summary.
'पत्नी' हिंदी के प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक कथाकार जैनेंद्र कुमार की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और बहुचर्चित कहानी है। यह कहानी भारतीय समाज...
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बी.ए. (B.A.) के पाठ्यक्रम के अनुसार 'संप्रेषण के विविध आयाम' (Dimensions of Communication) एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। संप्रेषण...