'मेरा परिवार' महादेवी वर्मा रेखाचित्र (संपूर्ण अध्ययन और 50 MCQ)upessc, uphesc

 'मेरा परिवार' (1972) छायावाद की प्रमुख स्तंभ और प्रख्यात लेखिका महादेवी वर्मा का एक अत्यंत प्रसिद्ध  रेखाचित्र संग्रह है। इस कृति में उन्होंने अपने घर में पाले गए विभिन्न पशु-पक्षियों के जीवन, उनके स्वभाव और उनके साथ अपने गहरे आत्मीय संबंधों का सजीव और मार्मिक अंकन किया है। 


इस संग्रह के प्रमुख रेखाचित्र और उनके पात्र इस प्रकार हैं:

  • गिल्लू (गिलहरी): यह इस संग्रह का संभवतः सबसे लोकप्रिय रेखाचित्र है। इसमें एक छोटी-सी, घायल गिलहरी के जीवन, उसकी चंचलता और महादेवी जी के प्रति उसके अगाध स्नेह का अत्यंत वात्सल्यपूर्ण वर्णन है।

  • नीलकंठ (मोर): एक स्वाभिमानी, वीर और संवेदनशील मोर की कहानी, जिसमें पक्षियों की सूक्ष्म भावनाओं और उनके अंतर्द्वंद्व को गहराई से उकेरा गया है।

  • सोना (हिरनी): एक चंचल, भोली और सुंदर हिरनी का चित्रण, जिसका अंत अत्यंत करुण है। यह रेखाचित्र मानवीय लापरवाही और पशुओं की निश्छलता का एक कंट्रास्ट प्रस्तुत करता है।

  • गौरा (गाय): एक अत्यंत सुंदर और दुधारू गाय की मार्मिक कथा, जो अंततः मानव के स्वार्थ और ईर्ष्या की भेंट चढ़ जाती है।

  • रोजी (कुतिया) और निक्की (नेवला): इन रेखाचित्रों में पशुओं के बीच के आपसी प्रेम, उनकी वफादारी और उनके अनूठे सह-अस्तित्व को दर्शाया गया है।

  • दुर्मुख (खरगोश): एक क्रोधी और आक्रामक स्वभाव वाले खरगोश के व्यवहार का मनोवैज्ञानिक और रोचक चित्रण।

साहित्यिक और वैचारिक विशेषताएँ:

  • मानवीकरण (Personification): महादेवी जी ने पशु-पक्षियों को केवल मूक प्राणी नहीं माना है। उन्होंने इनके सुख-दुख, प्रेम, ईर्ष्या और वफादारी को मानवीय भावनाओं के समकक्ष रखकर चित्रित किया है।

  • करुणा का विस्तार: महादेवी वर्मा के साहित्य की मूल संवेदना 'करुणा' केवल मनुष्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि वह प्राणिमात्र तक विस्तृत है। यह कृति उस महाकरुणा का जीवंत उदाहरण है।

  • चित्रात्मक और काव्यात्मक गद्य: तत्सम प्रधान, सुसंस्कृत और चित्रात्मक गद्य शैली के कारण ये रेखाचित्र पढ़ते समय पाठक के मन-मस्तिष्क पर एक सजीव दृश्य निर्मित कर देते हैं।
महादेवी वर्मा के प्रसिद्ध रेखाचित्र संग्रह ‘मेरा परिवार’ (1972) में कुल सात (7) मुख्य अध्याय संकलित हैं, जिनमें उनके द्वारा पाले गए विभिन्न पशु-पक्षियों के कुल नौ (9) पात्रों के जीवन और स्वभाव का मार्मिक अंकन किया गया है।

इन सभी संकलित रेखाचित्रों का विवरण निम्नलिखित चार्ट में प्रस्तुत है:

क्र.सं.पात्र / जीव का नामपशु-पक्षी का प्रकारमुख्य विशेषता एवं संक्षिप्त विवरण
नीलकंठमोरएक अत्यंत सुंदर, स्वाभिमानी और कलाप्रेमी मोर। इसका मनमोहक नृत्य, मोरनी (मोहिनी) के साथ इसका संबंध और इसकी मानवीय संवेदनाओं जैसी प्रगाढ़ ईर्ष्या व सुरक्षा-भावना इसका मुख्य आकर्षण है।
गिल्लूगिलहरीलेखिका के कमरे में पली एक छोटी, चंचल और अत्यधिक स्नेहिल गिलहरी। यह महादेवी जी के स्वास्थ्य के दिनों में उनकी सेवा और सान्निध्य के लिए विशेष रूप से जानी जाती है।
सोनाहिरनीसुनहरे रंग की अत्यंत सुंदर, वेगवती और भोली हिरनी। इसका छलांग लगाते हुए चलना और अंततः मानवीय लापरवाही या शिकारी कुत्तों के कारण हुई उसकी दर्दनाक मृत्यु पाठकों को झकझोर देती है।
दुर्मुखखरगोशएक आक्रामक, झगड़ालू और क्रोधी स्वभाव वाला खरगोश, जिसका रोब और अन्य छोटे जीवों के प्रति उसका नटखट व लड़ाकू रवैया बहुत रोचक ढंग से चित्रित किया गया है।
गौरागायलाल-सफेद रंग की सुंदर और अत्यंत दुधारू गाय। उसका वात्सल्य, घर के अन्य सदस्यों से उसका प्रेम और अंत में ईर्ष्यावश किसी द्वारा गुड़ में सुई खिलाए जाने के कारण हुई उसकी करुण मृत्यु इस रेखाचित्र का केंद्र है।
नीलूकुत्ताएक वफादार, बुद्धिमान और गंभीर पर्वतीय नस्ल का कुत्ता। लेखिका के प्रति उसकी अनन्य निष्ठा और घर के अन्य असहाय पशुओं के प्रति उसका रक्षक भाव इसमें प्रमुखता से उभारा गया है।
निक्की, रोजी और रानीक्रमशः नेवला, कुतिया और घोड़ीइस अंतिम खंड के अंतर्गत निक्की (चंचल नेवला), रोजी (शांत और सीधी कुतिया) तथा रानी (आकर्षक और तेजस्विनी घोड़ी) के सह-अस्तित्व, उनके विशिष्ट स्वभाव और उनके जीवन के मार्मिक प्रसंगों को एक साथ संकलित किया गया है।
यह कृति मानवेतर प्राणियों के मनोवैज्ञानिक संसार, उनकी वफादारी, उनके आनंद और दुखों के माध्यम से मनुष्य और प्रकृति के बीच के अगाध रागात्मक संबंध का एक उत्कृष्ट दस्तावेज है।
१. नीलकंठ (मोर)
लेखिका एक बार पक्षी विक्रेता 'बड़े मियाँ' से मोर के दो बच्चे लाईं, जिनमें से नर का नाम 'नीलकंठ' और मादा का 'राधा' रखा गया। नीलकंठ बहुत ही आकर्षक, वीर और कलाप्रेमी था। वह धीरे-धीरे लेखिका के पशु-पक्षी परिवार का रक्षक और सेनापति बन गया। एक बार उसने एक साँप से खरगोश के बच्चे की जान बचाई थी। वर्षा ऋतु में उसका नृत्य अद्भुत होता था। बाद में लेखिका एक अपाहिज और ईर्ष्यालु मोरनी 'कुब्जा' को ले आईं। कुब्जा के उत्पात और झगड़ालू स्वभाव के कारण राधा और नीलकंठ का शांतिपूर्ण जीवन छिन गया। कुब्जा द्वारा राधा के अंडे फोड़ देने और घर में मची अशांति से नीलकंठ इतना दुखी हुआ कि उसने अकाल ही अपने प्राण त्याग दिए।

२. गिल्लू (गिलहरी)
एक दिन लेखिका को बरामदे में कौवों द्वारा चोंच मारकर घायल किया गया गिलहरी का एक छोटा-सा बच्चा मिला। उन्होंने घावों पर मलहम लगाकर उसे बचाया और उसका नाम गिल्लू रखा। गिल्लू बहुत चंचल और समझदार था। वह लेखिका की थाली के पास बैठकर चावल के दाने खाता था। जब मोटर दुर्घटना के कारण लेखिका अस्पताल में भर्ती थीं, तब गिल्लू ने उदास होकर अपना प्रिय भोजन (काजू) भी खाना छोड़ दिया था। गिलहरियों की आयु केवल दो वर्ष होती है; अपने अंतिम समय में वह लेखिका के बिस्तर पर आया और उनकी उंगली पकड़ कर चिरनिद्रा में सो गया। लेखिका ने उसे सोनजूही की लता के नीचे दफनाया।

३. सोना (हिरनी)
सोना एक अनाथ हिरनी का बच्चा थी जिसे लेखिका ने पाला। वह अत्यंत सुंदर, सुनहरे रंग वाली और स्नेहिल थी। वह छात्रावास की छात्राओं के साथ खेलती और लेखिका की साड़ी का पल्लू चबाने की कोशिश करती थी। एक बार जब लेखिका बद्रीनाथ की यात्रा पर गईं, तो सोना को एक सुरक्षित बाड़े में रखा गया। लेखिका और अपने अन्य मित्रों (छात्रावास की लड़कियों) के वियोग में सोना इतनी बेचैन हो गई कि उसने बाड़े से बाहर निकलने के लिए छलांग लगाई, जिससे वह गिर गई और उसकी दर्दनाक मृत्यु हो गई। यह कहानी पशुओं के अगाध प्रेम और मानवीय लापरवाही के करुण अंत को दर्शाती है।

४. दुर्मुख (खरगोश)
दुर्मुख का स्वभाव उसके नाम के अनुरूप ही था। वह हमेशा क्रोधित और आक्रामक रहता था। अन्य जानवरों से वह अक्सर झगड़ता था और घर के छोटे जानवरों पर अपना रौब झाड़ता था। महादेवी जी ने इस रेखाचित्र में स्पष्ट किया है कि पशुओं में भी मनुष्यों की तरह अलग-अलग मनोवैज्ञानिक प्रवृत्तियाँ और व्यक्तिगत स्वभाव होते हैं। अपने क्रोधी स्वभाव के बावजूद वह इस विस्तृत पशु-परिवार का एक अहम और रोचक हिस्सा बना रहा।

५. गौरा (गाय)
गौरा एक अत्यंत सुंदर, लाल-सफेद रंग की बछिया थी, जो लेखिका को उनकी छोटी बहन ने दी थी। वह बहुत दुधारू थी और उसके दूध से घर के सभी पशु-पक्षियों का पालन होता था। उसके बछड़े का नाम 'लालमणि' रखा गया। घर का पुराना ग्वाला इस बात से ईर्ष्या करने लगा, क्योंकि गौरा के आने से उसका दूध बिकना बंद हो गया था। ईर्ष्या और लालच में आकर उसने गौरा को गुड़ में सुई मिलाकर खिला दी। सुई धीरे-धीरे गौरा के हृदय तक पहुँच गई और अंततः वह तड़प-तड़प कर मृत्यु को प्राप्त हुई। यह रेखाचित्र मानवीय लालच, विश्वासघात और क्रूरता का बहुत ही मार्मिक और रुला देने वाला चित्रण है।

६. नीलू (कुत्ता)
नीलू एक भोटिया (पर्वतीय) नस्ल का कुत्ता था, जो लूसी नामक कुतिया का बच्चा था। वह बहुत ही समझदार, वफादार और गंभीर स्वभाव का था। वह घर के अन्य सभी छोटे पशु-पक्षियों का रक्षक था और उनके साथ बहुत ही स्नेह से रहता था। लेखिका की बीमारी के समय वह उनके कमरे के दरवाजे पर चुपचाप बैठा रहता था। सर्दियों में वह लेखिका के पैरों के पास बैठकर उन्हें गर्माहट देता था। नीलू की निश्छल स्वामिभक्ति और उसकी शांत, रक्षक प्रकृति इस रेखाचित्र का मुख्य विषय है।

७. निक्की (नेवला), रोजी (कुतिया) और रानी (घोड़ी)
यह अध्याय तीन अलग-अलग प्रजातियों के जीवों का मिला-जुला संस्मरण है। 'रानी' एक तेजस्विनी और बुद्धिमान घोड़ी थी जिस पर लेखिका और उनके भाई-बहन बचपन में सवारी करते थे। 'रोजी' एक शांत और समझदार कुतिया थी जो रानी के अस्तबल के पास ही रहती थी, और 'निक्की' नाम का एक चंचल नेवला भी उन्हीं के साथ पला-बढ़ा। इन तीनों के बीच एक अद्भुत सह-अस्तित्व था। वे एक-दूसरे की भाषा और भावनाओं को समझते थे। यह कहानी प्रमाणित करती है कि प्रेम और सद्भाव हो तो अलग-अलग प्रजाति के जानवर भी एक साथ गहरे रागात्मक संबंध में बँध सकते हैं।

 महादेवी वर्मा के संस्मरण-संग्रह ‘मेरा परिवार’ के प्रत्येक रेखाचित्र और उसके अंतर्गत आने वाले प्रमुख पात्रों का वर्गीकरण इस प्रकार है:

  1. नीलकंठ (रेखाचित्र)

    • मुख्य पात्र:

      • नीलकंठ (नर मोर - सुंदर, वीर और कलाप्रेमी)

      • राधा (मादा मोरनी - नीलकंठ की शांत और स्नेही संगिनी)

      • कुब्जा (अपाहिज और अत्यधिक ईर्ष्यालु मोरनी)

    • अन्य पात्र:

      • बड़े मियाँ (पक्षी विक्रेता, जिनसे नीलकंठ और कुब्जा को लाया गया था)

  2. गिल्लू (रेखाचित्र)

    • मुख्य पात्र:

      • गिल्लू (एक छोटी और अत्यंत स्नेहिल गिलहरी)

  3. सोना (रेखाचित्र)

    • मुख्य पात्र:

      • सोना (सुनहरे रंग की अत्यंत सुंदर और चंचल हिरनी)

    • अन्य पात्र:

      • छात्रावास की बालिकाएँ (जो सोना की देखभाल करती थीं और उसके साथ खेलती थीं)

  4. दुर्मुख (रेखाचित्र)

    • मुख्य पात्र:

      • दुर्मुख (एक आक्रामक, क्रोधी और झगड़ालू स्वभाव वाला खरगोश)

  5. गौरा (रेखाचित्र)

    • मुख्य पात्र:

      • गौरा (लाल-सफेद रंग की सुंदर और अत्यंत दुधारू गाय)

      • लालमणि (गौरा का प्यारा और चंचल बछड़ा)

    • अन्य पात्र:

      • ग्वाला (स्वार्थी और क्रूर दूधवाला, जिसने ईर्ष्यावश गौरा को सुई खिला दी थी)

  6. नीलू (रेखाचित्र)

    • मुख्य पात्र:

      • नीलू (भोटिया नस्ल का गंभीर, वफादार और समझदार कुत्ता)

    • अन्य पात्र:

      • लूसी (नीलू की माँ, जो पहाड़ी रास्तों पर सामान ढोने वाली एक साहसी कुतिया थी)

  7. निक्की, रोजी और रानी (रेखाचित्र)

    • मुख्य पात्र:

      • निक्की (एक नटखट और चंचल नेवला)

      • रोजी (एक शांत और सीधी कुतिया)

      • रानी (एक तेजस्विनी और बुद्धिमान घोड़ी)
महादेवी वर्मा के ‘मेरा परिवार’ में संकलित प्रत्येक रेखाचित्र से परीक्षा, शोध और पारिस्थितिक विमर्श (Ecocriticism) की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण और उद्धरणीय पंक्तियाँ इस प्रकार हैं:

१. नीलकंठ (मोर)

  • "कार्तिकेय ने अपने युद्ध-वाहन के लिए मयूर को क्यों चुना होगा, यह उस पक्षी के रूप और स्वभाव को देखकर समझ में आ जाता है।"

  • "राधा नीलकंठ के समान नहीं नाच सकती थी, परंतु उसकी गति में भी एक छन्द रहता था।"

  • "मेघों की सांवली छाया में अपने सतरंगे पंखों का चंदोवा तानकर जब वह नाचता, तो लगता जैसे कोई सहस्रदल कमल खिल गया हो।"

  • "नीलकंठ की मृत्यु का कारण मैं आज तक नहीं जान सकी... कुब्जा के कोलाहल से बचने के लिए वह अक्सर जामुन की डाल पर छिपा बैठा रहता था।"

२. गिल्लू (गिलहरी)

  • "मेरे पास बहुत से पशु-पक्षी हैं और उनका मुझसे लगाव भी कम नहीं है, परन्तु उनमें से किसी को मेरे साथ मेरी थाली में खाने की हिम्मत हुई है, ऐसा मुझे स्मरण नहीं आता।"

  • "गिलहरियों के जीवन की अवधि दो वर्ष से अधिक नहीं होती, अतः गिल्लू की जीवन-यात्रा का अंत आ ही गया।"

  • "उसे सोनजूही की लता सबसे अधिक प्रिय थी, इसलिए उसी के नीचे उसे समाधि दी गई, इस विश्वास के साथ कि वसंत में वह एक पीले फूल के रूप में फिर खिलेगा।"

३. सोना (हिरनी)

  • "मनुष्य के निश्छल स्नेह और अपनत्व का पशुओं पर कैसा प्रभाव पड़ता है, सोना इसका जीवंत प्रमाण थी।"

  • "पशु-मन भी किसी विशेष रंग या रूप के प्रति आकर्षण महसूस करता है, यह मुझे सोना को देखकर ज्ञात हुआ।"

  • "उसकी बड़ी-बड़ी आँखों में एक ऐसी मूक करुणा और जिज्ञासा रहती थी, जिसे शब्दों में नहीं बाँधा जा सकता।"

४. दुर्मुख (खरगोश)

  • "उसका नाम दुर्मुख इसलिए नहीं था कि वह देखने में कुरूप था, बल्कि उसका क्रोधी और आक्रामक स्वभाव ही इस नामकरण का कारण था।"

  • "पशुओं में भी व्यक्तिगत स्वभाव की इतनी भिन्नता हो सकती है, दुर्मुख इसका एक विचित्र उदाहरण था; वह अपने क्रोध से बड़े-बड़े जानवरों को भी डरा देता था।"

५. गौरा (गाय)

  • "महात्मा गांधी ने कहा है- 'गाय करुणा की कविता है।' गौरा को देखकर यह उक्ति पूर्णतः चरितार्थ होती थी।"

  • "गौरा की आँखों में एक ऐसा तरल विश्वास था, जो केवल भारतीय गायों की आँखों में ही मिल सकता है।"

  • "उसे गुड़ में सुई खिला दी गई है... यह सुनकर मानो मेरा हृदय ही विदीर्ण हो गया।"

  • "आह! मेरा गोपालक देश!" (यह पंक्ति इस रेखाचित्र की सबसे प्रसिद्ध और मार्मिक पंक्ति है, जो भारतीय समाज के पाखंड पर गहरी चोट करती है।)

६. नीलू (कुत्ता)

  • "उसके रोम-रोम में स्वामी-भक्ति और निश्छलता इस तरह रची-बसी थी कि वह किसी भी आहट को पहचान लेता था।"

  • "पशु मनुष्य के प्रेम को उसकी वाणी से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार की ऊष्मा से पहचानते हैं, और नीलू की संवेदना इसका प्रमाण थी।"

  • "सर्दियों की रातों में जब वह मेरे पैरों के पास लेटता, तो उसकी गर्माहट से अधिक उसके मूक विश्वास की उष्णता मुझे स्पर्श करती थी।"

७. निक्की, रोजी और रानी (नेवला, कुतिया और घोड़ी)

  • "हम बच्चों के लिए रानी केवल एक घोड़ी नहीं, बल्कि एक स्नेही मित्र और परिवार की सदस्य थी।"

  • "भिन्न-भिन्न प्रजातियों के होने के बावजूद निक्की, रोजी और रानी का वह अद्भुत सह-अस्तित्व यह प्रमाणित करता था कि प्रेम की भाषा सर्वभौमिक होती है।"

 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)

  1. महादेवी वर्मा का रेखाचित्र संग्रह 'मेरा परिवार' किस वर्ष प्रकाशित हुआ था?
    (A) 1968
    (B) 1971
    (C) 1972
    (D) 1975

  2. 'मेरा परिवार' में मुख्य रूप से किसका चित्रण किया गया है?
    (A) लेखिका के पारिवारिक सदस्यों का
    (B) ग्रामीण जीवन का
    (C) पशु-पक्षियों का
    (D) स्वतंत्रता सेनानियों का

  3. 'मेरा परिवार' संग्रह में कुल कितने मुख्य रेखाचित्र संकलित हैं?
    (A) 5
    (B) 7
    (C) 9
    (D) 11

  4. महादेवी वर्मा को पशु-पक्षियों से कैसा लगाव था?
    (A) व्यावसायिक
    (B) वैज्ञानिक
    (C) रागात्मक और आत्मीय
    (D) सामान्य

  5. गिल्लू कौन था?
    (A) एक कुत्ता
    (B) एक मोर
    (C) एक गिलहरी
    (D) एक खरगोश

  6. गिल्लू को घायल अवस्था में लेखिका ने कहाँ पाया था?
    (A) पेड़ के नीचे
    (B) बरामदे में
    (C) छत पर
    (D) सड़क पर

  7. गिल्लू को किसने घायल किया था?
    (A) बिल्ली ने
    (B) कुत्ते ने
    (C) कौवों ने
    (D) बाज ने

  8. गिल्लू का सबसे प्रिय भोजन क्या था?
    (A) बादाम
    (B) मूंगफली
    (C) काजू
    (D) बिस्कुट

  9. गिल्लू को समाधि कहाँ दी गई थी?
    (A) आम के पेड़ के नीचे
    (B) सोनजूही की लता के नीचे
    (C) गुलाब की क्यारी में
    (D) तुलसी के पौधे के पास

  10. नीलकंठ किस पक्षी का नाम था?
    (A) तोता
    (B) कबूतर
    (C) मोर
    (D) हंस

  11. नीलकंठ को लेखिका ने किससे खरीदा था?
    (A) छोटे मियाँ से
    (B) बड़े मियाँ से
    (C) रहमत से
    (D) रामू से

  12. नीलकंठ की प्रिय संगिनी का क्या नाम था?
    (A) कुब्जा
    (B) मोहिनी
    (C) राधा
    (D) श्यामा

  13. कुब्जा कौन थी?
    (A) एक घायल मोरनी
    (B) एक बिल्ली
    (C) एक कबूतरी
    (D) एक कुतिया

  14. कुब्जा का स्वभाव कैसा था?
    (A) बहुत शांत
    (B) ईर्ष्यालु और झगड़ालू
    (C) डरा हुआ
    (D) स्नेही

  15. नीलकंठ ने साँप से किसकी जान बचाई थी?
    (A) गिल्लू की
    (B) खरगोश के बच्चे की
    (C) राधा की
    (D) निक्की की

  16. सोना कौन थी?
    (A) एक हिरनी
    (B) एक गाय
    (C) एक कुतिया
    (D) एक बिल्ली

  17. सोना का रंग कैसा था?
    (A) सफेद
    (B) काला
    (C) सुनहरा
    (D) चितकबरा

  18. लेखिका के किस यात्रा पर जाने के कारण सोना उदास हो गई थी?
    (A) केदारनाथ
    (B) बद्रीनाथ
    (C) अमरनाथ
    (D) वैष्णो देवी

  19. सोना की मृत्यु कैसे हुई?
    (A) बीमारी से
    (B) बुढ़ापे से
    (C) कुत्ते के काटने से
    (D) बाड़े से छलांग लगाने के कारण गिरकर

  20. दुर्मुख किस जानवर का नाम था?
    (A) कुत्ता
    (B) बिल्ली
    (C) खरगोश
    (D) नेवला

  21. दुर्मुख का स्वभाव कैसा था?
    (A) डरपोक
    (B) बहुत शांत
    (C) क्रोधी और आक्रामक
    (D) चंचल

  22. गौरा कौन थी?
    (A) एक घोड़ी
    (B) एक बकरी
    (C) एक गाय
    (D) एक हिरनी

  23. गौरा लेखिका को किसने दी थी?
    (A) उनकी माता ने
    (B) उनकी छोटी बहन ने
    (C) उनके भाई ने
    (D) उनके मित्र ने

  24. गौरा के बछड़े का क्या नाम रखा गया था?
    (A) नीलमणि
    (B) लालमणि
    (C) श्याम
    (D) रामू

  25. गौरा को किसने गुड़ में सुई खिला दी थी?
    (A) नौकर ने
    (B) पड़ोसी ने
    (C) ग्वाले ने
    (D) राहगीर ने

  26. ग्वाले ने गौरा को सुई क्यों खिलाई थी?
    (A) गुस्से में
    (B) ईर्ष्या और लालच में
    (C) अज्ञानता में
    (D) गलती से

  27. "आह! मेरा गोपालक देश!" यह प्रसिद्ध पंक्ति किस रेखाचित्र से है?
    (A) गिल्लू
    (B) नीलकंठ
    (C) नीलू
    (D) गौरा

  28. यह पंक्ति ("आह! मेरा गोपालक देश!") समाज की किस विडंबना पर चोट करती है?
    (A) गरीबी पर
    (B) गाय को माता मानकर भी उसके प्रति क्रूरता पर
    (C) दूध की कमी पर
    (D) अशिक्षा पर

  29. 'गाय करुणा की कविता है' - गौरा रेखाचित्र में यह कथन किसका उद्धृत किया गया है?
    (A) प्रेमचंद
    (B) रवींद्रनाथ टैगोर
    (C) महात्मा गांधी
    (D) सुभाष चंद्र बोस

  30. नीलू कौन था?
    (A) एक बिल्ली
    (B) एक कुत्ता
    (C) एक खरगोश
    (D) एक घोड़ा

  31. नीलू किस नस्ल का कुत्ता था?
    (A) जर्मन शेफर्ड
    (B) भोटिया (पर्वतीय)
    (C) लेब्राडोर
    (D) डाबरमैन

  32. नीलू की माँ का क्या नाम था?
    (A) रोजी
    (B) लूसी
    (C) जेनी
    (D) रानी

  33. लूसी का मुख्य कार्य क्या था?
    (A) घर की रखवाली
    (B) बर्फीले रास्तों पर सामान ढोना
    (C) शिकार करना
    (D) भेड़ों को चराना

  34. नीलू का स्वभाव कैसा था?
    (A) बहुत आक्रामक
    (B) डरपोक
    (C) गंभीर, वफादार और रक्षक
    (D) आलसी

  35. निक्की कौन था?
    (A) एक नेवला
    (B) एक कुत्ता
    (C) एक बिल्ली
    (D) एक बंदर

  36. रोजी कौन थी?
    (A) एक गाय
    (B) एक कुतिया
    (C) एक घोड़ी
    (D) एक बकरी

  37. रानी कौन थी?
    (A) एक घोड़ी
    (B) एक गाय
    (C) एक मोरनी
    (D) एक हिरनी

  38. निक्की, रोजी और रानी के रेखाचित्र में मुख्य रूप से क्या दर्शाया गया है?
    (A) उनका संघर्ष
    (B) उनका अद्भुत सह-अस्तित्व
    (C) उनका जंगल का जीवन
    (D) मनुष्यों से उनकी दुश्मनी

  39. बचपन में लेखिका और उनके भाई-बहन किस पर सवारी करते थे?
    (A) नीलू पर
    (B) गौरा पर
    (C) रानी पर
    (D) दुर्मुख पर

  40. 'मेरा परिवार' के जीव लेखिका के किस गुण को सबसे अधिक पहचानते थे?
    (A) उनकी संपत्ति को
    (B) उनके निश्छल प्रेम और अपनत्व को
    (C) उनकी लिखावट को
    (D) उनके रूप को

  41. कुब्जा ने किस मोरनी के अंडे फोड़ दिए थे?
    (A) श्यामा
    (B) मोहिनी
    (C) राधा
    (D) सुहासिनी

  42. लेखिका की मोटर दुर्घटना के समय किस जीव ने अपना प्रिय भोजन खाना छोड़ दिया था?
    (A) नीलू
    (B) सोना
    (C) गिल्लू
    (D) नीलकंठ

  43. इनमें से कौन-सा जीव अकाल मृत्यु को प्राप्त नहीं हुआ, बल्कि अपनी स्वाभाविक आयु पूरी करके मरा?
    (A) गौरा
    (B) सोना
    (C) गिल्लू
    (D) नीलकंठ

  44. गिल्लू को लेखिका के कमरे में कहाँ रखा जाता था?
    (A) पिंजरे में
    (B) फूलदान में
    (C) डलिया (टोकरी) में
    (D) अलमारी में

  45. महादेवी वर्मा के रेखाचित्रों में मानवेतर प्राणियों का कैसा चित्रण मिलता है?
    (A) केवल वस्तुपरक
    (B) हास्यपूर्ण
    (C) मानवीय संवेदनाओं से युक्त (मानवीकरण)
    (D) डरावना

  46. इनमें से कौन-सा पशु 'मेरा परिवार' का हिस्सा नहीं है?
    (A) दुर्मुख
    (B) झबरा
    (C) नीलू
    (D) निक्की

  47. नीलकंठ जब नाचता था, तो लेखिका ने उसकी तुलना किससे की है?
    (A) सहस्रदल कमल से
    (B) सूरज की किरणों से
    (C) इंद्रधनुष से
    (D) झूमते पेड़ से

  48. सोना हिरनी को छात्रावास की लड़कियाँ क्या खिलाती थीं?
    (A) बिस्कुट और मिठाई
    (B) केवल घास
    (C) काजू
    (D) सेब

  49. गौरा के सौंदर्य का वर्णन करते हुए लेखिका ने उसके रंग की तुलना किससे की है?
    (A) बर्फ से
    (B) लाल और सफेद गुलाब के मिश्रण/संगमरमर से
    (C) मोतियों से
    (D) दूध से

  50. हिंदी साहित्य में पारिस्थितिक विमर्श (Ecocriticism) के आरंभिक और सबसे मजबूत उदाहरण के रूप में किस कृति को देखा जा सकता है?
    (A) अतीत के चलचित्र
    (B) स्मृति की रेखाएँ
    (C) मेरा परिवार
    (D) पथ के साथी

उत्तर माला (Answer Key)

  1. (C) 1972

  2. (C) पशु-पक्षियों का

  3. (B) 7

  4. (C) रागात्मक और आत्मीय

  5. (C) एक गिलहरी

  6. (B) बरामदे में

  7. (C) कौवों ने

  8. (C) काजू

  9. (B) सोनजूही की लता के नीचे

  10. (C) मोर

  11. (B) बड़े मियाँ से

  12. (C) राधा

  13. (A) एक घायल मोरनी

  14. (B) ईर्ष्यालु और झगड़ालू

  15. (B) खरगोश के बच्चे की

  16. (A) एक हिरनी

  17. (C) सुनहरा

  18. (B) बद्रीनाथ

  19. (D) बाड़े से छलांग लगाने के कारण गिरकर

  20. (C) खरगोश

  21. (C) क्रोधी और आक्रामक

  22. (C) एक गाय

  23. (B) उनकी छोटी बहन ने

  24. (B) लालमणि

  25. (C) ग्वाले ने

  26. (B) ईर्ष्या और लालच में

  27. (D) गौरा

  28. (B) गाय को माता मानकर भी उसके प्रति क्रूरता पर

  29. (C) महात्मा गांधी

  30. (B) एक कुत्ता

  31. (B) भोटिया (पर्वतीय)

  32. (B) लूसी

  33. (B) बर्फीले रास्तों पर सामान ढोना

  34. (C) गंभीर, वफादार और रक्षक

  35. (A) एक नेवला

  36. (B) एक कुतिया

  37. (A) एक घोड़ी

  38. (B) उनका अद्भुत सह-अस्तित्व

  39. (C) रानी पर

  40. (B) उनके निश्छल प्रेम और अपनत्व को

  41. (C) राधा

  42. (C) गिल्लू

  43. (C) गिल्लू

  44. (C) डलिया (टोकरी) में

  45. (C) मानवीय संवेदनाओं से युक्त (मानवीकरण)

  46. (B) झबरा

  47. (A) सहस्रदल कमल से

  48. (A) बिस्कुट और मिठाई

  49. (B) लाल और सफेद गुलाब के मिश्रण/संगमरमर से

  50. (C) मेरा परिवार

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