UGC NET के पाठ्यक्रम की इकाई-7 (हिन्दी कहानी) बहुत ही रोचक है। इसमें कुल 21 कहानियाँ शामिल हैं। कहानियों से अक्सर उनके पात्र, प्रकाशन वर्ष, कहानी संग्रह का नाम और उनके शिल्प से सवाल पूछे जाते हैं।
यहाँ आपकी सुविधा के लिए पूरी सूची और महत्वपूर्ण तथ्य दिए गए हैं:
हिन्दी कहानी: प्रकाशन वर्ष और संग्रह की सूची
| क्रम | कहानी | लेखक | प्रकाशन वर्ष | कहानी संग्रह / विशेष तथ्य |
| 1 | एक टोकरी भर मिट्टी | माधवराव सप्रे | 1901 | 'छत्तीसगढ़ मित्र' में प्रकाशित (प्रथम मौलिक कहानी मानी जाती है) |
| 2 | चंद्रदेव से मेरी बातें | बंग महिला | 1904 | 'सरस्वती' में प्रकाशित (राजनैतिक चेतना की कहानी) |
| 3 | दुलाईवाली | बंग महिला | 1907 | 'सरस्वती' में प्रकाशित |
| 4 | राही | सुभद्रा कुमारी चौहान | 1947 | 'सीधे-सादे चित्र' संग्रह में संकलित |
| 5 | ईदगाह | प्रेमचंद | 1933 | 'मानसरोवर' भाग-1 (बाल मनोविज्ञान) |
| 6 | दुनिया का अनमोल रतन | प्रेमचंद | 1907 | 'सोजे़-वतन' संग्रह (देशभक्ति पर आधारित) |
| 7 | काँनों में कँगना | राधिकारमण प्रसाद सिंह | 1913 | 'कुसुमांजलि' संग्रह |
| 8 | उसने कहा था | चंद्रधर शर्मा 'गुलेरी' | 1915 | 'फ्लैशबैक' (पूर्वदीप्ति) पद्धति पर आधारित प्रथम कहानी |
| 9 | आकाशदीप | जयशंकर प्रसाद | 1929 | 'आकाशदीप' संग्रह (ऐतिहासिक-रोमानी कहानी) |
| 10 | अपना-अपना भाग्य | जैनेंद्र कुमार | 1931 | 'वातायन' संग्रह (मनोवैज्ञानिक कहानी) |
| 11 | तीसरी कसम | फणीश्वरनाथ 'रेणु' | 1956 | 'ठुमरी' संग्रह (उपनाम: मारे गए गुलफाम) |
| 12 | लाल पान की बेगम | फणीश्वरनाथ 'रेणु' | 1956 | 'ठुमरी' संग्रह (आंचलिक कहानी) |
| 13 | गैंग्रीन (रोज) | अज्ञेय | 1934 | 'विपथगा' संग्रह (मध्यवर्गीय स्त्री की ऊब) |
| 14 | कोसी का घटवार | शेखर जोशी | 1958 | 'कोसी का घटवार' संग्रह |
| 15 | अमृतसर आ गया है | भीष्म साहनी | 1971 | 'पटरियाँ' संग्रह (विभाजन की त्रासदी) |
| 16 | चीफ की दावत | भीष्म साहनी | 1956 | 'पहला पाठ' संग्रह |
| 17 | सिक्का बदल गया | कृष्णा सोबती | 1948 | 'बादलों के घेरे' संग्रह (विभाजन पर आधारित) |
| 18 | इंस्पेक्टर मातादीन चाँद पर | हरिशंकर परसाई | 1970 | 'ठिठुरता हुआ गणतंत्र' (व्यंग्य कहानी) |
| 19 | पिता | ज्ञानरंजन | 1965 | 'फेंस के इधर और उधर' (पीढ़ी अंतराल) |
| 20 | राजा निरबंसिया | कमलेश्वर | 1957 | 'राजा निरबंसिया' (समांतर कहानी आंदोलन) |
| 21 | परिंदे | निर्मल वर्मा | 1960 | 'परिंदे' संग्रह (नामवर सिंह के अनुसार पहली 'नई कहानी') |
प्रमुख कहानियों के पात्र (Exam Special)
ईदगाह: हामिद (4-5 साल का बच्चा), अमीना (दादी), मोहसिन, नूरे, सम्मी।
उसने कहा था: लहना सिंह, सूबेदारनी, होरा, वजीरा सिंह, बोधा सिंह।
तीसरी कसम: हिरामन (गाड़ीवान), हीराबाई (नौटंकी वाली)।
गैंग्रीन (रोज): मालती, महेश्वर (डॉक्टर), टिटी (बच्चा)।
आकाशदीप: बुद्धगुप्त, चम्पा।
कोसी का घटवार: गुसाईं, लक्ष्मा।
परिंदे: लतिका, मिस्टर ह्यूबर्ट, डॉ. मुखर्जी।
राजा निरबंसिया: जगपति, चंदा।
महत्वपूर्ण "कथन" जो परीक्षा में आते हैं:
"मृत्यु के कुछ समय पहले स्मृति बहुत साफ हो जाती है।" - उसने कहा था (लहना सिंह)।
"खिलौनों को देखकर किसी की दुआएँ न मिलें, पर दुआओं को लेकर क्या करोगे?" - ईदगाह।
"सिक्का बदल गया है, पर दिल तो वही है।" - सिक्का बदल गया (शाहनी)।
"हॉरन बजाता हुआ ट्रक अमृतसर की ओर बढ़ा जा रहा था।" - अमृतसर आ गया है।
तैयारी का टिप:
कहानियों में 'आंदोलन' का ध्यान रखें:
जैनेंद्र/अज्ञेय: मनोविश्लेषणवादी।
रेणु: आंचलिक।
कमलेश्वर/निर्मल वर्मा: नई कहानी/समांतर कहानी।
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