UGC NET के पाठ्यक्रम की इकाई-8 (हिन्दी नाटक) परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण

 UGC NET के पाठ्यक्रम की इकाई-8 (हिन्दी नाटक) परीक्षा की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यहाँ से नाटकों के अंकों के नाम, पात्रों के कथन और गीतों से गहरे प्रश्न पूछे जाते हैं।

यहाँ आपके लिए 14 प्रमुख नाटकों की विस्तृत सूची दी गई है:

हिन्दी नाटक: प्रकाशन वर्ष और अंक विवरण

क्रमनाटकनाटककारप्रकाशन वर्षअंक/दृश्यविशेष तथ्य
1अंधेर नगरीभारतेंदु हरिश्चंद्र18816 दृश्यप्रहसन (राजनीतिक व्यंग्य)
2भारत दुर्दशाभारतेंदु हरिश्चंद्र18806 अंकनाट्य रासक (प्रतीकात्मक नाटक)
3चंद्रगुप्तजयशंकर प्रसाद19314 अंकऐतिहासिक नाटक (चाणक्य की कूटनीति)
4स्कंदगुप्तजयशंकर प्रसाद19285 अंकऐतिहासिक (हूणों का आक्रमण)
5ध्रुवस्वामिनीजयशंकर प्रसाद19333 अंकस्त्री समस्या और पुनर्विवाह पर आधारित
6अंधा युगधर्मवीर भारती19545 अंकगीति नाट्य (महाभारत युद्ध के 18वें दिन की कथा)
7सिंदूर की होलीलक्ष्मी नारायण मिश्र19343 अंकसमस्या नाटक (वैधव्य और विवाह)
8आधे-अधूरेमोहन राकेश1969-मध्यवर्गीय परिवार का विघटन
9आषाढ़ का एक दिनमोहन राकेश19583 अंककालिदास के जीवन पर आधारित
10आगरा बाजारहबीब तनवीर1954-नज़ीर अकबराबादी की कविताओं पर आधारित
11बकरीसर्वेश्वर दयाल सक्सेना19742 अंकजनवादी चेतना और राजनैतिक व्यंग्य
12एक और द्रोणाचार्यशंकर शेष19772 अंकसमांतर कथा (महाभारत और आधुनिक शिक्षक)
13अंजो दीदीउपेंद्रनाथ 'अश्क'19552 अंककठोर अनुशासन और यांत्रिकता की समस्या
14महाभोजमन्नू भंडारी1982-राजनीतिक उपन्यास का नाट्य रूपांतरण

नाटकों के प्रमुख पात्र (Characters)

  • अंधा युग: अश्वत्थामा, गांधारी, धृतराष्ट्र, संजय, युयुत्सु, विदुर, कृष्ण।

  • आषाढ़ का एक दिन: कालिदास, मल्लिका, विलोम (कालिदास का विरोधी), मातुल, अंबिका।

  • आधे-अधूरे: सावित्री (नायिका), महेंद्रनाथ, जुनेजा, सिंघानिया, जगमोहन (ये चारों पात्र एक ही अभिनेता निभाता है), किन्नी, बिन्नी।

  • स्कंदगुप्त: स्कंदगुप्त, पर्णदत्त, मातृगुप्त, देवकी, विजया, देवसेना।

  • चंद्रगुप्त: चाणक्य, चंद्रगुप्त, कार्नेलिया, सुवासिनी, अलका, राक्षस।

  • एक और द्रोणाचार्य: अरविंद (प्रोफेसर), लीला (पत्नी), विमलेंदु, द्रोणाचार्य, अश्वत्थामा।


महत्वपूर्ण गीत और कथन (Famous Quotes)

  1. "अरुण यह मधुमय देश हमारा"चंद्रगुप्त (कार्नेलिया का गीत)।

  2. "अधिकार सुख कितना मादक और सारहीन है"स्कंदगुप्त (स्कंदगुप्त का पहला कथन)।

  3. "आह! वेदना मिली विदाई"स्कंदगुप्त (देवसेना का गीत)।

  4. "युद्धोपरान्त बचा हुआ यह अंधा युग"अंधा युग (प्रस्तावना)।

  5. "मैं फिर से वह धूल भरा जीवन जीना चाहती हूँ"आषाढ़ का एक दिन (मल्लिका)।

  6. "चना जोर गरम, बाबू मैं लाया मजेदार चना जोर गरम"अंधेर नगरी (घासीराम)।


याद रखने योग्य विशेष बिंदु (Exam Insights):

  • अंधा युग के अंक: 1. कौरव नगरी, 2. पशु का उदय, 3. अश्वत्थामा का अर्धसत्य, 4. गांधारी का शाप, 5. विजय: एक क्रमिक आत्महत्या। (अंत में 'प्रभु की मृत्यु' शीर्षक से समापन है)।

  • मोहन राकेश के नाटक: ये आधुनिकता बोध और स्त्री-पुरुष संबंधों के तनाव के लिए प्रसिद्ध हैं।

  • प्रसाद के नाटक: ये अपने गीतों और दार्शनिकता के लिए जाने जाते हैं।

 

UGC NET के पाठ्यक्रम में शामिल नाटकों की कथावस्तु बहुत ही विस्तृत है। यहाँ सबसे महत्वपूर्ण 5 नाटकों के अंकों के अनुसार सारांश दिए गए हैं, जो परीक्षा में 'घटनाक्रम' वाले प्रश्नों को हल करने में आपकी मदद करेंगे।


1. आषाढ़ का एक दिन (मोहन राकेश)

यह नाटक कालिदास के अंतर्द्वंद्व और मल्लिका के त्याग की कहानी है।

  • प्रथम अंक: गाँव का परिवेश। कालिदास और मल्लिका का प्रेम। कालिदास को उज्जयिनी से राजकवि बनने का निमंत्रण मिलता है। वह मल्लिका के आग्रह पर भारी मन से गाँव छोड़कर चला जाता है।

  • द्वितीय अंक: कुछ वर्षों बाद। कालिदास अब 'मातृगुप्त' बन चुका है। वह कश्मीर का शासक है। वह गाँव आता है पर मल्लिका से मिलने की हिम्मत नहीं जुटा पाता। मल्लिका की आर्थिक स्थिति खराब है।

  • तृतीय अंक: कालिदास सब कुछ त्याग कर बारिश में भीगता हुआ मल्लिका के पास आता है। वह फिर से नया जीवन शुरू करना चाहता है, लेकिन वह देखता है कि मल्लिका ने मजबूरी में विलोम को अपना लिया है और उसकी एक बेटी है। कालिदास चुपचाप चला जाता है।

2. अंधा युग (धर्मवीर भारती)

यह महाभारत के 18वें दिन की शाम से कृष्ण की मृत्यु तक का कालखंड है।

  • अंक 1 (कौरव नगरी): युद्ध की अंतिम शाम। महल में केवल बूढ़े और महिलाएं बचे हैं। गिद्धों के आने का संकेत।

  • अंक 2 (पशु का उदय): अश्वत्थामा का प्रतिशोध। वह मानवीय संवेदना खोकर 'पशु' बन चुका है और पांडवों के वध की प्रतिज्ञा करता है।

  • अंक 3 (अश्वत्थामा का अर्धसत्य): युधिष्ठिर का 'नरो वा कुंजरो वा' कहना। अश्वत्थामा का ब्रह्मास्त्र चलाना।

  • अंक 4 (गांधारी का शाप): कृष्ण द्वारा ब्रह्मास्त्र वापस लेना। गांधारी द्वारा कृष्ण को कुल के विनाश का शाप देना।

  • अंक 5 (विजय: एक क्रमिक आत्महत्या): पांडवों की जीत के बाद की खोखली खुशी और अंततः कृष्ण की मृत्यु का समाचार।

3. अंधेर नगरी (भारतेंदु हरिश्चंद्र)

  • दृश्य 1: महंत अपने दो शिष्यों (गोवर्धन दास और नारायण दास) के साथ शहर में प्रवेश करते हैं।

  • दृश्य 2 (बाजार): यहाँ सब कुछ "टके सेर" मिलता है। गोवर्धन दास लोभ में यहीं रुक जाता है।

  • दृश्य 3 (जंगल): महंत उसे चेतावनी देते हैं कि जहाँ न्याय न हो वहाँ नहीं रहना चाहिए।

  • दृश्य 4 (राज्यसभा): एक दीवार गिरने से बकरी मर जाती है। राजा न्याय करने बैठता है और अंत में फांसी का फंदा बड़ा होने के कारण मोटे गोवर्धन दास को पकड़ा जाता है।

  • दृश्य 5 (अरण्य): गोवर्धन दास रोता है, महंत आकर उसे बचाते हैं।

  • दृश्य 6 (शमशान): महंत युक्ति लगाते हैं कि इस समय मरने वाला सीधा स्वर्ग जाएगा। राजा खुद फांसी पर चढ़ जाता है।

4. आधे-अधूरे (मोहन राकेश)

यह नाटक बिना किसी औपचारिक अंक विभाजन के निरंतर चलता है।

  • कथा: सावित्री अपने पति महेंद्रनाथ से असंतुष्ट है क्योंकि वह आर्थिक रूप से असफल है। वह अपने पुराने प्रेमियों (जुनेजा, सिंघानिया, जगमोहन) में पूर्णता खोजती है, लेकिन अंत में उसे पता चलता है कि हर पुरुष 'आधा-अधूरा' ही है। उसकी संतानें (बिन्नी, किन्नी और अशोक) भी इसी तनाव में बिखर रहे हैं।

5. चंद्रगुप्त (जयशंकर प्रसाद)

  • प्रथम अंक: तक्षशिला का गुरुकुल। चाणक्य और चंद्रगुप्त का परिचय। मगध के राजा नंद द्वारा चाणक्य का अपमान।

  • द्वितीय अंक: यवन आक्रमण (सिकंदर)। चंद्रगुप्त की वीरता और सेल्युकस की पुत्री कार्नेलिया का उस पर मुग्ध होना।

  • तृतीय अंक: मगध पर अधिकार। नंद का पतन और राक्षस की कूटनीति।

  • चतुर्थ अंक: सेल्युकस की पराजय। चंद्रगुप्त और कार्नेलिया का विवाह। चाणक्य द्वारा अपनी प्रतिज्ञा पूरी कर संन्यास लेना।


नाटकों का 'क्विक चार्ट' (विषय वस्तु)

नाटकमुख्य संघर्ष
ध्रुवस्वामिनीक्लैब्य (नपुंसकता) बनाम वीरता। तलाक और पुनर्विवाह।
सिंदूर की होलीकानून बनाम नैतिकता। विधवा विवाह की समस्या।
बकरीगांधीवादी सिद्धांतों का ढोंग करने वाले नेताओं पर व्यंग्य।
एक और द्रोणाचार्यआज की शिक्षा व्यवस्था में 'समझौतावादी' शिक्षक का चित्रण।

 

इकाई-8 (हिन्दी नाटक) पर आधारित 15 कठिन और परीक्षा उपयोगी बहुविकल्पीय प्रश्न दिए गए हैं। ये प्रश्न पात्रों के कथन, अंकों के नाम और नाटकों के शिल्प (Technique) पर केंद्रित हैं।


UGC NET हिन्दी नाटक: अभ्यास प्रश्नावली

1. "अधिकार सुख कितना मादक और सारहीन है" - यह प्रसिद्ध कथन 'स्कंदगुप्त' नाटक के किस अंक के प्रारंभ में आता है?

(A) प्रथम अंक

(B) द्वितीय अंक

(C) तृतीय अंक

(D) पंचम अंक

2. 'अंधा युग' नाटक के अंकों का सही क्रम क्या है?

(A) कौरव नगरी, पशु का उदय, गांधारी का शाप, अश्वत्थामा का अर्धसत्य

(B) कौरव नगरी, अश्वत्थामा का अर्धसत्य, पशु का उदय, गांधारी का शाप

(C) कौरव नगरी, पशु का उदय, अश्वत्थामा का अर्धसत्य, गांधारी का शाप

(D) पशु का उदय, कौरव नगरी, अश्वत्थामा का अर्धसत्य, गांधारी का शाप

3. 'आधे-अधूरे' नाटक में सावित्री के उस प्रेमी का नाम क्या है जो एक बड़ी कंपनी का बॉस (सिंघानिया) है?

(A) जुनेजा

(B) जगमोहन

(C) महेंद्रनाथ

(D) सिंघानिया

4. 'आषाढ़ का एक दिन' नाटक में 'विलोम' पात्र किसका प्रतीक है?

(A) कालिदास के अंतर्मन का

(B) सत्ता का

(C) कालिदास के प्रतिद्वंद्वी और यथार्थ का

(D) मल्लिका के पिता का

5. "अरुण यह मधुमय देश हमारा" गीत 'चंद्रगुप्त' नाटक में किसके द्वारा गाया गया है?

(A) अलका

(B) सुवासिनी

(C) कार्नेलिया

(D) मालविका

6. 'एक और द्रोणाचार्य' नाटक में 'अरविंद' किस विषय का प्रोफेसर है?

(A) हिन्दी

(B) इतिहास

(C) राजनीति विज्ञान

(D) मनोविज्ञान

7. 'अंधेर नगरी' के किस दृश्य में बाजार का वर्णन है जहाँ सब कुछ 'टके सेर' बिकता है?

(A) प्रथम दृश्य

(B) द्वितीय दृश्य

(C) तृतीय दृश्य

(D) चतुर्थ दृश्य

8. 'सिंदूर की होली' नाटक में मनोरमा और चंद्रकला के माध्यम से किस समस्या को उठाया गया है?

(A) दहेज प्रथा

(B) अनमेल विवाह

(C) विधवा विवाह और कानून बनाम नैतिकता

(D) शिक्षा की कमी

9. 'बकरी' नाटक (सर्वेश्वर दयाल सक्सेना) में जनसाधारण का प्रतिनिधित्व करने वाला पात्र कौन है?

(A) दुर्जन सिंह

(B) करमवीर

(C) सत्यवीर

(D) बिपिन

10. "यौवन! तेरी चंचलता देखूँ या अपना क्षणिक वासना" - यह कथन 'ध्रुवस्वामिनी' में किसका है?

(A) मंदाकिनी

(B) ध्रुवस्वामिनी

(C) कोमा

(D) चंद्रगुप्त

11. 'अंजो दीदी' नाटक में अंजो दीदी के अनुशासनप्रिय व्यक्तित्व के विपरीत कौन सा पात्र मौज-मस्ती का प्रतीक है?

(A) वकील साहब

(B) श्रीपत

(C) नीरज

(D) ओमी

12. 'आषाढ़ का एक दिन' के किस अंक में कालिदास कश्मीर का शासक (मातृगुप्त) बनकर लौटता है?

(A) प्रथम अंक

(B) द्वितीय अंक

(C) तृतीय अंक

(D) इनमें से कोई नहीं

13. 'महाभोज' नाटक (मन्नू भंडारी) मूलतः किस समस्या पर प्रहार करता है?

(A) पारिवारिक कलह

(B) राजनीति और मीडिया का गठबंधन व भ्रष्टाचार

(C) स्त्री विमर्श

(D) सांप्रदायिकता

14. 'भारत दुर्दशा' नाटक में 'भारत भाग्य' पात्र अंत में क्या करता है?

(A) भारत को जगाता है

(B) आत्महत्या कर लेता है

(C) शत्रुओं को मारता है

(D) सन्यास ले लेता है

15. 'अंधा युग' में वह कौन सा पात्र है जो शुरू से अंत तक 'तटस्थ' रहता है और कथा कहता है?

(A) विदुर

(B) संजय

(C) युयुत्सु

(D) याचक


उत्तरमाला (Answer Key):

1(A), 2(C), 3(D), 4(C), 5(C), 6(B), 7(B), 8(C), 9(A), 10(C), 11(B), 12(B), 13(B), 14(B), 15(B).


संक्षिप्त स्पष्टीकरण:

  • प्रश्न 10: कोमा, शकराज की प्रेमिका है और उसका यह कथन उसकी विवशता को दर्शाता है।

  • प्रश्न 14: 'भारत भाग्य' भारत को जगाने की कोशिश करता है, पर जब वह नहीं जागता तो वह खुद को खंजर मारकर आत्महत्या कर लेता है। यह भारतेंदु के निराशावाद का प्रतीक है।

 

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