संप्रेषण (Communication) की अवधारणा
संप्रेषण का अर्थ:
सरल शब्दों में, अपनी बात, विचारों या भावनाओं को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुँचाना 'संप्रेषण' कहलाता है। यह केवल बोलना नहीं है, बल्कि सामने वाले को अपनी बात सही ढंग से समझाना भी है।
संप्रेषण प्रक्रिया का ग्राफ (Flowchart)
[ प्रेषक (Sender) ] ———> [ संदेश (Message) ] ———> [ माध्यम (Channel) ]
↑ |
| ↓
[ प्रतिक्रिया (Feedback) ] <————————————— [ प्राप्तकर्ता (Receiver) ]
ग्राफ के मुख्य अंगों की व्याख्या:
प्रेषक (Sender): वह व्यक्ति जो बात शुरू करता है। (जैसे: अध्यापक)
संदेश (Message): वह जानकारी या बात जो कही जा रही है। (जैसे: "कल छुट्टी है")
माध्यम (Channel): बात पहुँचाने का रास्ता। (जैसे: बोलकर, लिखकर, या फोन द्वारा)
प्राप्तकर्ता (Receiver): वह व्यक्ति जिसे संदेश मिल रहा है। (जैसे: छात्र)
प्रतिक्रिया (Feedback): जब प्राप्तकर्ता बात सुनकर जवाब देता है। इसके बिना संप्रेषण अधूरा माना जाता है।
संप्रेषण के प्रकार (Types):
मौखिक (Oral): बोलकर बात करना (जैसे: कहानी सुनाना)।
लिखित (Written): लिखकर बात करना (जैसे: ब्लैकबोर्ड पर लिखना या पत्र भेजना)।
सांकेतिक (Gestural): इशारों से बात करना (जैसे: चुप रहने के लिए होंठों पर उंगली रखना)।
याद रखने वाली बात: एक अच्छा संप्रेषण वही है जहाँ संदेश भेजने वाले और पाने वाले, दोनों बात को एक ही अर्थ में समझें।
1. उदाहरण (Examples)
बिना बोले बात समझाना: कल्पना कीजिए कि आपको प्यास लगी है और आपकी मम्मी दूर बैठी हैं। अगर आप सिर्फ पानी पीने का नाटक (इशारा) करते हैं और मम्मी पानी ले आती हैं, तो यह 'सांकेतिक संप्रेषण' है। यहाँ इशारा आपका 'माध्यम' था।
गलत संप्रेषण (Communication Gap): मान लीजिए टीचर ने कहा "रोको मत, जाने दो।" लेकिन छात्र ने सुना "रोको, मत जाने दो।" सिर्फ एक छोटे से ठहराव (Pause) से बात का मतलब बदल गया! यही बच्चों को सिखाता है कि साफ़ बोलना क्यों ज़रूरी है।
2. बच्चों के लिए एक छोटी एक्टिविटी: "संदेश कहाँ पहुँचा?"
यह क्लास या घर में बच्चों के साथ खेल सकते हैं:
खेल का नाम: 'चाइनीज व्हिस्पर' (Chinese Whisper)।
कैसे खेलें: 5-6 बच्चों को लाइन में खड़ा करें। पहले बच्चे के कान में एक कठिन वाक्य बोलें (जैसे: "लाल गुलाब गाल पर लगा लो")।
उद्देश्य: वह बच्चा अगले के कान में वही बोलेगा। आखिरी बच्चे तक पहुँचते-पहुँचते संदेश अक्सर बदल जाता है।
सीख: इससे बच्चे सीखेंगे कि अगर 'माध्यम' में शोर हो या ध्यान न दिया जाए, तो संदेश (Message) गलत हो जाता है।
3. अभ्यास प्रश्न (Exercise)
आप बच्चों से ये सवाल पूछ सकते हैं ताकि उनकी समझ पक्की हो जाए:
| सवाल | खाली स्थान भरें / उत्तर दें |
| 1. अगर आप पत्र लिख रहे हैं, तो माध्यम क्या है? | __________ (लिखित) |
| 2. संप्रेषण पूरा कब होता है? | जब हमें __________ (Feedback/जवाब) मिलता है। |
| 3. ट्रैफिक पुलिस की सीटी कैसा संप्रेषण है? | __________ (सांकेतिक/Non-verbal) |
| 4. क्या इशारों में बात करना संप्रेषण है? | हाँ / नहीं |
"सुनना" (Listening) भी संप्रेषण का एक बहुत बड़ा हिस्सा है। जो अच्छा सुनता है, वही अच्छा जवाब (Feedback) दे पाता है।
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