UPHESC (इकाई-9) के पाठ्यक्रम में निर्धारित कहानियों के मुख्य पात्रों (Characters) की सूची

 UPHESC (इकाई-9) के पाठ्यक्रम में निर्धारित इन प्रसिद्ध कहानियों के मुख्य पात्रों (Characters) की सूची नीचे दी गई है। पात्रों के नाम याद रखने से कहानी की मूल संवेदना और कथानक को समझना बहुत आसान हो जाता है:

प्रमुख कहानियाँ और उनके पात्र

कहानी का नामप्रमुख पात्र (Characters)
उसने कहा थालहना सिंह (नायक), होराँ (सूबेदारनी), वजीरा सिंह, बोधा सिंह
कफनघीसू, माधव, बुधिया
चीफ की दावतशामनाथ, उनकी पत्नी, शामनाथ की बूढ़ी माँ, चीफ (अतिथि)
वापसीगजाधर बाबू, उनकी पत्नी, अमर, नरेंद्र, बसंती
मलबे का मालिकगनी मियाँ, रक्खा पहलवान, मनोरी
रोज (गैंग्रीन)मालती, महेश्वर (पति), अतिथि (लेखक), टिटी (बच्चा)
लालपान की बेगमबिरजू की माँ, बिरजू के बापा, जंगी की पतोहू, बिरजू, चम्पिया
परिंदेलतिका, मिस्टर ह्यूबर्ट, डॉक्टर मुखर्जी, गिरीश नेगी
आकाशदीपबुद्धगुप्त, चम्पा
दुनिया का अनमोल रत्नदिलफिगार, दिलफरेब
कानों में कँगनायोगेश्वर, किरण, नरेन्द्र
ताईरामेश्वरी (ताई), बाबू रामजीदास, मनोहर (भतीजा)
दिल्ली में एक मौतसेठ दीवानचंद (जिनकी मृत्यु हुई), वासुदेव, अतुल मवानी
जहाँ लक्ष्मी कैद हैलक्ष्मी, लाला रूपराम, गोविंद
रसप्रियामृदंगिया, मोहना, रम्पतिया
शरणदातादेविन्दर लाल, शेख अताउल्ला, रफ़ीकुद्दीन

पात्रों से जुड़ी कुछ विशेष बातें:

  • गजाधर बाबू (वापसी): यह पात्र सेवानिवृत्ति (Retirement) के बाद परिवार में अपनी अप्रासंगिकता और अकेलेपन का प्रतीक है।

  • लहना सिंह (उसने कहा था): यह निश्चल प्रेम और कर्तव्यपरायणता के लिए बलिदान होने वाला कालजयी पात्र है।

  • घीसू-माधव (कफन): ये दोनों समाज की चरम दरिद्रता और संवेदनहीनता के प्रतिनिधि हैं।

  • मालती (रोज): यह एक मध्यमवर्गीय विवाहित महिला के जीवन की नीरसता और एकरसता (Boredom) को दर्शाती है।

 

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